प्रदीप कुमार
पौड़ी। हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने गुरुवार को नीलकंठ क्षेत्र का भ्रमण कर भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश और जनपदवासियों की सुख-समृद्धि खुशहाली तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने ग्राम पंचायत तोली स्थित पंचायत कार्यालय परिसर में आयोजित हरेला पर्व के वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक पर्व है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता के संवर्धन और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं बल्कि जल संरक्षण स्वच्छ वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान संचालित किए जा रहे हैं। हरेला पर्व इन प्रयासों को जनआंदोलन का स्वरूप देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद प्रभारी मंत्री ने पीपलकोठी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय में औषधि वितरण व्यवस्था उपचार सुविधाओं और पंचकर्म कक्ष का अवलोकन करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही चिकित्सालय परिसर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय परिसर स्थित हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों का रोपण किया तथा आयुर्वेद और औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त चिकित्सालय भवन के पुनर्निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति लोक परंपरा और प्रकृति के प्रति समर्पण का पर्व है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। इस अवसर पर नीलकंठ महादेव मंदिर के महंत सुभाष गिरी उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय खंडूरी जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.शैलेंद्र पांडे व्यापार मंडल नीलकंठ के अध्यक्ष बृजेश चौहान ग्राम प्रधान उषा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
