प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में गुरुवार को उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का आयोजन उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने वृक्षारोपण कर किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं बल्कि प्रकृति पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। कार्यक्रम के संयोजक चौरास परिसर के निदेशक एवं स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंस के संकायाध्यक्ष प्रो.राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि हरेला जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर हरित परिसर के निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं गार्डन सेक्शन समन्वयक डॉ.डी.के.राणा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में चरणबद्ध तरीके से औषधीय और सजावटी पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। इससे हरित वातावरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रवानी अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गोसाईं मुख्य नियंता प्रो.दीपक कुमार मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ.सुरेंद्र सिंह बिष्ट संकायाध्यक्ष इंजीनियरिंग प्रो.एम.एस.रौथाण संकायाध्यक्ष प्रबंधन प्रो.रश्मि ढोढ़ी वित्त अधिकारी डॉ.ए.के.मोहंती परीक्षा नियंत्रक डॉ.गौतम वीर खेल निदेशक प्रो.जे.पी.मेहता वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो.एन.एस.पंवार प्रो.ए.के.नेगी प्रभारी अधिशासी अभियंता प्रो.बृजेश गंगिल शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ.विजय ज्योति गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ अध्यक्ष डॉ.देवेन्द्र फरस्वाण डॉ.सुदीप सेमवाल लक्ष्मी प्रसाद भट्ट राजेंद्र सिंह रावत सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक अधिकारी कर्मचारी शोधार्थी और छात्र-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शोधार्थियों और छात्र-प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। हरेला पर्व के इस आयोजन के माध्यम से प्रकृति संरक्षण हरित पर्यावरण और सतत विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया गया।
