प्रदीप कुमार
रिखणीखाल-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। रिखणीखाल थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में बालिका को अपने साथ ले जाने के आरोप में एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई खोजबीन के चलते नाबालिग को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने में सफलता मिली। पुलिस के अनुसार 17 जुलाई को रिखणीखाल निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री 16 जुलाई की शाम घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता और नाबालिग की सुरक्षा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर तत्काल विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। प्रभारी निरीक्षक रिखणीखाल के नेतृत्व में गठित टीमों ने संभावित स्थानों पर लगातार तलाश अभियान चलाया। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल सर्विलांस की मदद से नाबालिग की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस के लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि घटना की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर नाबालिग बालिका को कुनालीखाल के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। उसके साथ ढाबखाल निवासी 21 वर्षीय आयुष कुमार भी मिला जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के बाद नाबालिग के बयान दर्ज किए गए तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष उसकी काउंसलिंग कराई गई। पुलिस ने आरोपी युवक को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है जबकि मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी जारी है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक संतोष पैथवाल हेड कांस्टेबल भगत दास हेड कांस्टेबल चन्द्रभान सिंह तथा महिला हेड कांस्टेबल सुषमा (कोतवाली लैंसडाउन) शामिल रहीं।
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प्रदीप कुमार
रिखणीखाल-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। रिखणीखाल थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में बालिका को अपने साथ ले जाने के आरोप में एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई खोजबीन के चलते नाबालिग को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने में सफलता मिली। पुलिस के अनुसार 17 जुलाई को रिखणीखाल निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री 16 जुलाई की शाम घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता और नाबालिग की सुरक्षा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर तत्काल विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। प्रभारी निरीक्षक रिखणीखाल के नेतृत्व में गठित टीमों ने संभावित स्थानों पर लगातार तलाश अभियान चलाया। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल सर्विलांस की मदद से नाबालिग की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस के लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि घटना की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर नाबालिग बालिका को कुनालीखाल के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। उसके साथ ढाबखाल निवासी 21 वर्षीय आयुष कुमार भी मिला जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के बाद नाबालिग के बयान दर्ज किए गए तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष उसकी काउंसलिंग कराई गई। पुलिस ने आरोपी युवक को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है जबकि मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी जारी है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक संतोष पैथवाल हेड कांस्टेबल भगत दास हेड कांस्टेबल चन्द्रभान सिंह तथा महिला हेड कांस्टेबल सुषमा (कोतवाली लैंसडाउन) शामिल रहीं।