Spread the love

प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में शनिवार को परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस से संबंधित मामलों के त्वरित प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर पक्षकारों को सरल सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना था। लोक अदालत में गठित विभिन्न पीठों ने कुल 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 30 लाख 92 हजार 354 रुपये की समझौता राशि निर्धारित की। इस दौरान पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने का अवसर मिला जिससे समय और धन की बचत होने के साथ-साथ अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिली। पहली पीठ की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल ने की। इस पीठ ने एक मामले का निस्तारण करते हुए 80 हजार रुपये की समझौता राशि तय की। दूसरी पीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने की ने दो मामलों का निस्तारण कर 7 लाख 80 हजार रुपये की समझौता राशि निर्धारित की। तीसरी पीठ की अध्यक्षता सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कुमार ने की। इस पीठ ने तीन मामलों का निस्तारण करते हुए 7 लाख 67 हजार 354 रुपये की समझौता राशि तय की। चौथी पीठ के अध्यक्ष न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ कुमार रहे जहां चार मामलों का निस्तारण कर 12 लाख 95 हजार रुपये की समझौता राशि निर्धारित की गई। उखीमठ स्थित बाह्य न्यायालय की पांचवीं पीठ जिसकी अध्यक्षता सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष पच्छिमी ने की ने दो मामलों का निस्तारण करते हुए 1 लाख 70 हजार रुपये की समझौता राशि निर्धारित की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि चेक बाउंस से जुड़े मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण व्यापारिक और सामाजिक विश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी सरल और जनहितकारी माध्यम है तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों अधिवक्ताओं और पक्षकारों से भविष्य में भी अधिकाधिक मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से कराने का आह्वान किया। विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन में बैंक अधिकारियों बार एसोसिएशन रुद्रप्रयाग के अधिवक्ताओं न्यायिक अधिकारियों न्यायालय कर्मियों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ-साथ आम लोगों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp