प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से रेबीज जागरूकता सप्ताह के तहत सरस्वती शिशु मंदिर नौगांवखाल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को रेबीज संक्रमण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। एएनएम मीना ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते एवं अन्य जानवरों के काटने पर उनकी लार में मौजूद संक्रमण से होता है। रेबीज एक लाइलाज बीमारी है और बीमारी होने पर रोगी को बचाना मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि रेबीज जानवर के काटने के 10 से 20 साल के अंतराल में भी कभी हो सकता है। जानवरों से सावधानी सुरक्षा एवं टीकाकरण से ही इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि कोई कुत्ता या अन्य जानवर काट ले तो किसी भी तरह के घरेलू उपचार जैसे हल्दी मिर्च आदि लगाने से बचना चाहिए। घाव पर पट्टी या टांके भी नहीं लगाने चाहिए। घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोने के बाद एंटीसेप्टिक का प्रयोग करना चाहिए तथा नजदीकी चिकित्सालय में जाकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार टीका अवश्य लगवाना चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी डॉ.मेघना असवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 22 सितंबर से 28 सितंबर तक रेबीज जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनपद की समस्त चिकित्सा इकाइयों के साथ ही विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और सामुदायिक स्तर पर आमजन को रेबीज के प्रति सचेत करने के लिए जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य भगवान सिंह नेगी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.निकिता चौधरी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीरज पांथरी गणेश विजल्वाण नीरज कैन्तुरा नीलम सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
