प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को पोल संख्या 98 और 99 के बीच पहाड़ी से अचानक बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया। घटना के बाद एहतियात के तौर पर घोड़ा डंडी और कंडी सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है जबकि पैदल यात्रियों का आवागमन सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुचारु रूप से जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गया। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल पर डीडीआरएफ पुलिस चौकी जंगलचट्टी तथा एमटीएफ भीमबली की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के निर्माण खंड के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि मार्ग को शीघ्र सुचारु करने के लिए 14 श्रमिकों को मौके पर लगाया गया है। मलबा और पत्थर हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है तथा मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित बनाकर खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही घोड़ा डंडी और कंडी सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को पोल संख्या 98 और 99 के बीच पहाड़ी से अचानक बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया। घटना के बाद एहतियात के तौर पर घोड़ा डंडी और कंडी सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है जबकि पैदल यात्रियों का आवागमन सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुचारु रूप से जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गया। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल पर डीडीआरएफ पुलिस चौकी जंगलचट्टी तथा एमटीएफ भीमबली की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के निर्माण खंड के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि मार्ग को शीघ्र सुचारु करने के लिए 14 श्रमिकों को मौके पर लगाया गया है। मलबा और पत्थर हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है तथा मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित बनाकर खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही घोड़ा डंडी और कंडी सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।