प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार को आधुनिक सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से महाकुंभ-2027 की तैयारियों को नई गति मिलेगी तथा वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुरक्षित एवं सुगम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा और पर्यटन व्यापार परिवहन होटल व्यवसाय हस्तशिल्प एवं अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित समारोह में 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मां गंगा की कृपा और संत समाज के आशीर्वाद से शुरू हुई ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास करने तक सीमित नहीं है बल्कि समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से परियोजनाओं को पूरा कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण संवर्धन और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ-साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन मानसखंड मंदिर माला मिशन शारदा कॉरिडोर गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान और सनातन सभ्यता का आध्यात्मिक द्वार है। आगामी महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा। राज्य सरकार इसे इतिहास का सबसे दिव्य भव्य सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। आज जिन चार परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है वे इसी व्यापक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में नए घाटों एवं पुलों का निर्माण प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा यातायात व्यवस्था के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण ज्वालापुर एवं शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित सुगम और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को आस्था के साथ-साथ शिक्षा स्वास्थ्य पर्यटन आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी नगरों में विकसित किया जा रहा है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज तथा श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट पॉड टैक्सी परियोजना तथा हर की पैड़ी से मां चंडी देवी और मां मनसा देवी तक रोपवे परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल निर्माण शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग पार्क एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान केवल अस्थायी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था लेकिन अब राज्य सरकार ने कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी एवं आधुनिक विकास का कार्य शुरू किया है ताकि प्रत्येक वर्ष आने वाले करोड़ों कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुगम एवं बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान के संरक्षण के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति सरकार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रशासनिक मार्ग का नाम परिवर्तन संबंधी सुझाव पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत अवसंरचना के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि पूरे राज्य की पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम ने परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी महाकुंभ से पूर्व सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह में दायित्वधारी विश्वास डाबर ओम प्रकाश जमदग्नि विनय रोहिल्ला सुनील सैनी डॉ.जयपाल सिंह चौहान श्यामवीर सैनी देशराज कर्णवाल दिनेश कौशिक नितिन गौतम अजीत चौधरी शोभाराम प्रजापति जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी मेयर हरिद्वार किरण जैसल मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद विधायक आदेश चौहान शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा पूर्व विधायक संजय गुप्ता भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ.मधु प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी सचिव विनय शंकर पांडेय मेलाधिकारी सोनिका जिलाधिकारी मयूर दीक्षित आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
