प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप बुधवार सुबह पत्थर और मलबा आने से मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो गया। सुबह 6:01 बजे घटना की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र ने सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपायों के साथ मलबा हटाने और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने में जुटी हुई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को शीघ्र खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मौके पर डीडीआरएफ वाईएमएफ आपदा मित्र एमपीएफ तथा पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं सुरक्षा कार्यों में जुटी हुई हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं ली जा सकें। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।
