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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत सिंह भंडारी की पुत्री सनाया (माही) भंडारी ने सीबीएसई नॉर्थ जोन तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-14 वर्ग की सिंगल और डबल स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीतकर श्रीनगर गढ़वाल और पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमी जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। बिजनौर में आयोजित सीबीएसई नॉर्थ जोन तीरंदाजी प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 600 खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच सनाया ने इंडियन राउंड की 70 मीटर और 30 मीटर स्पर्धा में सटीक निशानेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगल और डबल दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता के दौरान उनका आत्मविश्वास अनुशासन और बेहतरीन प्रदर्शन सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। सनाया की इस सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों प्रतिभा धामी और कुलदीप बिष्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्होंने लगातार अपनी तकनीक एकाग्रता और प्रदर्शन में सुधार किया है। नियमित अभ्यास और कठिन मेहनत के बल पर उन्होंने कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। यह सनाया की लगातार तीसरी बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले मार्च 2025 में उन्होंने आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। जून 2025 में नैनीताल में आयोजित छठी सब जूनियर एवं आठवीं सीनियर राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद नवंबर 2025 में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी उन्होंने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। लगातार मिल रही सफलताओं ने सनाया को उत्तराखंड की उभरती हुई तीरंदाजों में शामिल कर दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें इसी प्रकार उच्च स्तरीय प्रशिक्षण आधुनिक सुविधाएं और बेहतर अवसर मिलते रहे तो वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। सनाया (माही) भंडारी का लक्ष्य ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीतना है। उनकी मेहनत अनुशासन खेल के प्रति समर्पण और लगातार बेहतर प्रदर्शन इस सपने को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम माने जा रहे हैं। सनाया की इस उपलब्धि पर श्रीनगर गढ़वाल सहित पूरे उत्तराखंड में हर्ष का माहौल है। खेल प्रेमियों का कहना है कि उनकी सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि प्रतिभा मेहनत और सही मार्गदर्शन मिलने पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी इस स्वर्णिम सफलता ने एक बार फिर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय खेल मंच पर गौरवान्वित किया है।

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