प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के मेरा युवा भारत (माय भारत) स्वयंसेवकों एवं विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से संवाद किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सीमावर्ती गांवों को “देश का प्रथम गांव” मानते हुए विकसित भारत की यात्रा में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन 4 जून से 30 जून तक दो चरणों में किया गया जिसमें लद्दाख हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट गांव शामिल रहे। हरिद्वार जनपद से लगभग 20 माय भारत स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र संयुक्त निदेशक एनआईसी यशपाल सिंह प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय जिला क्रीड़ा अधिकारी रविंद्र भंडारी तथा जिला युवा अधिकारी रोशन कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने स्वयंसेवकों से संवाद करते हुए उन्हें “विकसित हरिद्वार” विषय पर अपने सुझाव और विचार लिखित रूप में देने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से जनपद की समस्याओं उनके समाधान नवाचारों तथा सराहनीय पहलों पर अपने सुझाव साझा करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं की सोच अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय ने सुझाव दिया कि हरिद्वार के युवाओं को भी उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों को जानने और समझने का अवसर मिलना चाहिए तथा इस प्रकार का कार्यक्रम जनपद स्तर पर भी संचालित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए इसे सहर्ष स्वीकार किया और कहा कि युवाओं की भागीदारी से विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
