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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल में रविवार को 27वां कारगिल विजय दिवस गौरव सम्मान और राष्ट्रभक्ति के साथ शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। बौराड़ी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को पुष्पचक्र एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी नीतिका खण्डेलवाल नगर पालिका अध्यक्ष पूर्व सैनिकों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने शहीदों के अदम्य शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया। कार्यक्रम से पूर्व स्कूली छात्र-छात्राओं ने बौराड़ी चौक से शहीद स्मारक तक प्रभात फेरी निकालकर देशभक्ति का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति के नारों और उत्साह के साथ कारगिल के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी नीतिका खण्डेलवाल ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों ने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखते हुए देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करें और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि सेना में सभी लोग नहीं जा सकते लेकिन प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर राष्ट्र सेवा कर सकता है। युवाओं को सदैव दो बातें याद रखनी चाहिए— व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखना तथा जिस भी क्षेत्र में कार्य करें उसमें अपना सर्वोत्तम योगदान देना। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि वीर शहीदों के शौर्य त्याग और बलिदान को स्मरण कर उनसे प्रेरणा लेने का अवसर है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल चन्द बहादुर पुन ने कहा कि भारतीय सेना ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए 26 जुलाई 1999 को ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। तभी से प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाकर राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाता है। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में देश के 527 सैनिक शहीद हुए थे जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सैनिक शामिल थे। इनमें टिहरी जनपद के 12 वीर सपूतों ने भी राष्ट्र रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीदों ने देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अपना वर्तमान बलिदान किया। उनका त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा उनके परिजनों के सम्मान और सैनिकों के कल्याण के लिए प्रशासन निरंतर संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल विजय का उत्सव नहीं बल्कि शौर्य समर्पण और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान वीर शहीदों की वीर नारियों रोशनी देवी पत्नी शहीद दलवीर सिंह तथा संगीता देवी पत्नी शहीद सत्ते सिंह को सम्मान चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साहस धैर्य और राष्ट्र के प्रति उनके परिवारों के योगदान को भी नमन किया गया। सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल और ऑल सेंट कॉन्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर पौधरोपण किया गया जिसमें जिलाधिकारी ने कनेर का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश बधानी ने किया। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल की अंशिका बहुगुणा ने प्रथम आकांक्षा रावत ने द्वितीय तथा ऑल सेंट कॉन्वेंट स्कूल की अनानिशा परवीन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में नरेंद्र महिला विद्यालय की छात्रा कुमारी अनुसूया ने प्रथम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बौराड़ी की फाइजा अली ने द्वितीय तथा सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल की श्रुति राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत मेजर दीपक कुमार लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर बलवंत सिंह रावत तहसीलदार धीरज राणा पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष संजय रावत जनप्रतिनिधि पूर्व सैनिक विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी स्कूली छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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