प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं तथा विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन की प्रगति हर घर जल अभियान तृतीय पक्ष निरीक्षण और गौचर तथा कर्णप्रयाग में प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद में अब तक 76,716 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा संचालित 1,241 पेयजल योजनाओं में से 1,145 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं हर घर जल अभियान के अंतर्गत 1,113 गांवों में से 757 गांवों का प्रमाणीकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी पूर्ण परियोजनाओं का तृतीय पक्ष निरीक्षण पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके तथा योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचे। बैठक में गौचर और कर्णप्रयाग के लिए प्रस्तावित लगभग 10 करोड़ रुपये लागत की फीकल स्लज ट्रीटमेंट फैसिलिटी परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता 18 केएलडी होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना तैयार करते समय भविष्य की आवश्यकताओं जनसंख्या वृद्धि और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं को समाहित किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में भी परियोजना प्रभावी बनी रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र के सभी घरों की जीआईएस आधारित हाउस टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिशासी अभियंताओं और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर परियोजना को अधिक प्रभावी व्यवहारिक और जनहितकारी बनाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी परियोजना निदेशक आनंद सिंह जल संस्थान पेयजल निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं तथा विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन की प्रगति हर घर जल अभियान तृतीय पक्ष निरीक्षण और गौचर तथा कर्णप्रयाग में प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद में अब तक 76,716 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा संचालित 1,241 पेयजल योजनाओं में से 1,145 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं हर घर जल अभियान के अंतर्गत 1,113 गांवों में से 757 गांवों का प्रमाणीकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी पूर्ण परियोजनाओं का तृतीय पक्ष निरीक्षण पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके तथा योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचे। बैठक में गौचर और कर्णप्रयाग के लिए प्रस्तावित लगभग 10 करोड़ रुपये लागत की फीकल स्लज ट्रीटमेंट फैसिलिटी परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता 18 केएलडी होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना तैयार करते समय भविष्य की आवश्यकताओं जनसंख्या वृद्धि और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं को समाहित किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में भी परियोजना प्रभावी बनी रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र के सभी घरों की जीआईएस आधारित हाउस टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिशासी अभियंताओं और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर परियोजना को अधिक प्रभावी व्यवहारिक और जनहितकारी बनाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी परियोजना निदेशक आनंद सिंह जल संस्थान पेयजल निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।