प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को केदारनाथ हाईवे को बद्रीनाथ हाईवे से जोड़ने वाली 910 मीटर लंबी रुद्रप्रयाग बाईपास टनल का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों तकनीकी विशेषज्ञों और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर आवश्यक तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टनल पूरी तरह सुरक्षित है और इसके भीतर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण टनल के बाहरी स्लोप ट्रीटमेंट क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है। इस घटना में टनल के जनरेटर रूम की छत को आंशिक क्षति पहुंची है लेकिन टनल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और यात्रियों की आवाजाही पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी टीम और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण कर ढलान की स्थिरता का वैज्ञानिक आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना अभी डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि में है इसलिए संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य और स्लोप ट्रीटमेंट दोबारा कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि भू-वैज्ञानिकों की टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिसके आधार पर आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थल की लगातार निगरानी रखी जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के डीजीएम करन लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता सौरव ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को केदारनाथ हाईवे को बद्रीनाथ हाईवे से जोड़ने वाली 910 मीटर लंबी रुद्रप्रयाग बाईपास टनल का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों तकनीकी विशेषज्ञों और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर आवश्यक तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टनल पूरी तरह सुरक्षित है और इसके भीतर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण टनल के बाहरी स्लोप ट्रीटमेंट क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है। इस घटना में टनल के जनरेटर रूम की छत को आंशिक क्षति पहुंची है लेकिन टनल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और यात्रियों की आवाजाही पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी टीम और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण कर ढलान की स्थिरता का वैज्ञानिक आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना अभी डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि में है इसलिए संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य और स्लोप ट्रीटमेंट दोबारा कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि भू-वैज्ञानिकों की टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिसके आधार पर आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थल की लगातार निगरानी रखी जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के डीजीएम करन लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता सौरव ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।