प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही वर्षा के बीच केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर सिल्ली के समीप हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेते हुए यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के स्थायी संरक्षण के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सिल्ली के पास पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया था तथा सड़क किनारे निर्मित सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग को आवागमन के लिए सुचारु कराया। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित स्थल पर नियंत्रित यातायात संचालित किया जा रहा है और एक समय में केवल एक वाहन को ही वहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क पर गिरे छोटे पत्थरों और मलबे को जेसीबी मशीनों की सहायता से लगातार हटाया जा रहा है। वहीं बड़े बोल्डरों को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए तकनीकी टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल यह कार्य तात्कालिक व्यवस्था के तहत किए जा रहे हैं ताकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित न हो और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधान पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि टीएचडीसी के तकनीकी सहयोग से प्रभावित ढलान के स्थायी संरक्षण तथा क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में ढलान संरक्षण और आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए व्यवहारिक एवं स्थायी रणनीति शामिल की जाए ताकि भविष्य में इस क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सचिव से भी तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग लिया जाएगा जिससे स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग है। जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है तथा यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी स्थान पर यात्रियों को असुविधा न हो और आवागमन सुरक्षित एवं सुचारु बना रहे इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता सौरभ ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही वर्षा के बीच केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर सिल्ली के समीप हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेते हुए यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के स्थायी संरक्षण के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सिल्ली के पास पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया था तथा सड़क किनारे निर्मित सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग को आवागमन के लिए सुचारु कराया। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित स्थल पर नियंत्रित यातायात संचालित किया जा रहा है और एक समय में केवल एक वाहन को ही वहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क पर गिरे छोटे पत्थरों और मलबे को जेसीबी मशीनों की सहायता से लगातार हटाया जा रहा है। वहीं बड़े बोल्डरों को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए तकनीकी टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल यह कार्य तात्कालिक व्यवस्था के तहत किए जा रहे हैं ताकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित न हो और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधान पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि टीएचडीसी के तकनीकी सहयोग से प्रभावित ढलान के स्थायी संरक्षण तथा क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में ढलान संरक्षण और आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए व्यवहारिक एवं स्थायी रणनीति शामिल की जाए ताकि भविष्य में इस क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सचिव से भी तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग लिया जाएगा जिससे स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग है। जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है तथा यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी स्थान पर यात्रियों को असुविधा न हो और आवागमन सुरक्षित एवं सुचारु बना रहे इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता सौरभ ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।