प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माणाधीन बद्रीनाथ अस्पताल की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल निर्माण की वर्तमान स्थिति शेष कार्यों तथा अस्पताल को शीघ्र संचालित करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और अगस्त माह के अंत तक अस्पताल का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गेल के वित्तीय सहयोग से लगभग 25.10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 45 शैय्यायुक्त आधुनिक अस्पताल लगभग 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। करीब 2,244 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित हो रहे इस अस्पताल का निर्माण लोक निर्माण विभाग की परियोजना इकाई द्वारा कराया जा रहा है। अस्पताल भवन को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप बहुमंजिला स्वरूप में तैयार किया गया है। भूतल पर प्रतीक्षालय प्रशासनिक कक्ष फार्मेसी उपयोगिता कक्ष तथा तीन बेड का आपातकालीन वार्ड बनाया गया है। प्रथम तल पर ओपीडी प्रयोगशाला एक्स-रे ईसीजी फिजियोथेरेपी कैफेटेरिया और प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। द्वितीय तल पर चार बेड का आईसीयू आइसोलेशन कक्ष हाइपरबेरिक एवं हाइपोथर्मिया कक्ष दो अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर प्री और पोस्ट ऑपरेशन क्षेत्र स्टोर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वहीं तृतीय तल पर पुरुष एवं महिला वार्ड ट्विन शेयरिंग कक्ष सुइट रूम उपचार कक्ष मेडिकल स्टोर तथा अन्य उपयोगिता कक्ष बनाए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्माण कार्य के अंतिम चरण को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरी की जाए ताकि अस्पताल को जल्द से जल्द आमजन के लिए समर्पित किया जा सके। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने और सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अगस्त माह के अंत तक बद्रीनाथ अस्पताल का संचालन शुरू किया जाए। इसके लिए संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सप्ताहवार कार्ययोजना तैयार करने प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्माण विद्युत जलापूर्ति चिकित्सा उपकरणों की स्थापना फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करें ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल पूरी तरह संचालित हो सके। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.सचिन राणा सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माणाधीन बद्रीनाथ अस्पताल की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल निर्माण की वर्तमान स्थिति शेष कार्यों तथा अस्पताल को शीघ्र संचालित करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और अगस्त माह के अंत तक अस्पताल का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गेल के वित्तीय सहयोग से लगभग 25.10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 45 शैय्यायुक्त आधुनिक अस्पताल लगभग 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। करीब 2,244 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित हो रहे इस अस्पताल का निर्माण लोक निर्माण विभाग की परियोजना इकाई द्वारा कराया जा रहा है। अस्पताल भवन को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप बहुमंजिला स्वरूप में तैयार किया गया है। भूतल पर प्रतीक्षालय प्रशासनिक कक्ष फार्मेसी उपयोगिता कक्ष तथा तीन बेड का आपातकालीन वार्ड बनाया गया है। प्रथम तल पर ओपीडी प्रयोगशाला एक्स-रे ईसीजी फिजियोथेरेपी कैफेटेरिया और प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। द्वितीय तल पर चार बेड का आईसीयू आइसोलेशन कक्ष हाइपरबेरिक एवं हाइपोथर्मिया कक्ष दो अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर प्री और पोस्ट ऑपरेशन क्षेत्र स्टोर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वहीं तृतीय तल पर पुरुष एवं महिला वार्ड ट्विन शेयरिंग कक्ष सुइट रूम उपचार कक्ष मेडिकल स्टोर तथा अन्य उपयोगिता कक्ष बनाए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्माण कार्य के अंतिम चरण को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरी की जाए ताकि अस्पताल को जल्द से जल्द आमजन के लिए समर्पित किया जा सके। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने और सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अगस्त माह के अंत तक बद्रीनाथ अस्पताल का संचालन शुरू किया जाए। इसके लिए संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सप्ताहवार कार्ययोजना तैयार करने प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्माण विद्युत जलापूर्ति चिकित्सा उपकरणों की स्थापना फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करें ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल पूरी तरह संचालित हो सके। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.सचिन राणा सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।