प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में 06 अगस्त 2026 तक स्थापित आठ चिकित्सा राहत इकाइयों के माध्यम से 17 हजार 971 श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा के लिए नामित नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सा राहत इकाइयों पर पर्याप्त दवाइयों का भंडार आवश्यक चिकित्सा उपकरण तथा रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित तैनाती हर समय सुनिश्चित रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। नोडल अधिकारी डॉ.राजीव ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर पीएचसी लक्ष्मणझूला सहित कुल आठ चिकित्सा राहत इकाइयां स्थापित की गई हैं। इनमें पुण्डरासू धांधला पानी मौनी बाबा तिराहा बाघखाला वानप्रस्थ आश्रम गरुड़ चट्टी पुल तथा पीपलकोटी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी चिकित्सा राहत इकाइयों पर कुल 36 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी इकाइयों में जीवनरक्षक दवाइयों एंटी स्नेक वेनम एंटी रेबीज वैक्सीन तथा प्रत्येक इकाई पर तीन पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर सहित आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए सात एम्बुलेंस भी तैनात हैं जिनमें दो 108 सेवा की एम्बुलेंस शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को बिना किसी विलंब के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
