प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड खिर्सू में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत विकासखंड एवं सामुदायिक स्तरीय संघ (सीएलएफ) स्तर पर एक दिवसीय वित्तीय समावेशन अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी ने की। कार्यशाला में सामुदायिक स्तरीय संघ के पदाधिकारियों स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं बैंक सखी बीमा सखी वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्शदाता वित्तीय सखी बैंक मित्र सखी वित्तीय साक्षरता केंद्र के प्रतिनिधियों विभिन्न बैंकों भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रतिनिधियों तथा एनआरएलएम के कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए वित्त समन्वयक धनंजय भट्ट ने एनआरएलएम के अंतर्गत संचालित वित्तीय समावेशन के विभिन्न घटकों सक्षम केंद्र तथा लखपति दीदी योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को बैंकिंग बीमा तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने समूह की महिलाओं से बैंकिंग सेवाओं का सही उपयोग करने नियमित बचत की आदत विकसित करने बीमा योजनाओं का लाभ लेने तथा साइबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं की आय में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतिभागियों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अपने स्वयं सहायता समूहों की अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक ने बीमा सखी की भूमिका एवं दायित्वों की जानकारी देते हुए बीमा योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि ने बैंकिंग सेवाओं बैंक मित्र सखी की भूमिका स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) बीमा सुविधाओं तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं प्रभावी बैंकिंग लेनदेन डिजिटल वित्तीय सेवाओं के सावधानीपूर्वक उपयोग तथा विभिन्न वित्तीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर बैंक प्रतिनिधि एनआरएलएम के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड खिर्सू में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत विकासखंड एवं सामुदायिक स्तरीय संघ (सीएलएफ) स्तर पर एक दिवसीय वित्तीय समावेशन अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी ने की। कार्यशाला में सामुदायिक स्तरीय संघ के पदाधिकारियों स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं बैंक सखी बीमा सखी वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्शदाता वित्तीय सखी बैंक मित्र सखी वित्तीय साक्षरता केंद्र के प्रतिनिधियों विभिन्न बैंकों भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रतिनिधियों तथा एनआरएलएम के कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए वित्त समन्वयक धनंजय भट्ट ने एनआरएलएम के अंतर्गत संचालित वित्तीय समावेशन के विभिन्न घटकों सक्षम केंद्र तथा लखपति दीदी योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को बैंकिंग बीमा तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने समूह की महिलाओं से बैंकिंग सेवाओं का सही उपयोग करने नियमित बचत की आदत विकसित करने बीमा योजनाओं का लाभ लेने तथा साइबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं की आय में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतिभागियों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अपने स्वयं सहायता समूहों की अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक ने बीमा सखी की भूमिका एवं दायित्वों की जानकारी देते हुए बीमा योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि ने बैंकिंग सेवाओं बैंक मित्र सखी की भूमिका स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) बीमा सुविधाओं तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं प्रभावी बैंकिंग लेनदेन डिजिटल वित्तीय सेवाओं के सावधानीपूर्वक उपयोग तथा विभिन्न वित्तीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर बैंक प्रतिनिधि एनआरएलएम के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।