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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा नीलकंठ क्षेत्र में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नीलकंठ क्षेत्र पहुंचने को देखते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांवड़ यात्रियों ने भी जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया द्वारा संबंधित विभागों को यात्रा मार्ग एवं नीलकंठ क्षेत्र में पेयजल शौचालय स्वच्छता सड़क विद्युत चिकित्सा यातायात एवं सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर तैनात कार्मिकों को श्रद्धालुओं की हरसंभव सहायता करने के साथ ही व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए चारधाम यात्रा के आवागमन वाले मोटर मार्गों एवं पैदल यात्रा मार्गों पर सुदृढ़ीकरण मरम्मत एवं उन्नयन के कार्य कराए गए हैं। पार्किंग से नीलकंठ मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स गरुड़चट्टी से पीपलकोठी तक डीबीएम एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा बैराज से गरुड़चट्टी तक पेचवर्क का कार्य कराया गया है। यात्रा मार्गों पर किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सड़क सुधार एवं मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की पांच जेसीबी मशीनें ऑपरेटरों सहित 24 घंटे तैनात रखी गई हैं। बीन नदी में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। नदी पार करने के दौरान प्रशासन की टीमें श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। नदी क्षेत्र में भी प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को सुरक्षित रूप से नदी पार कराया जा सके। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में विद्युत विभाग द्वारा नीलकंठ मंदिर के सामने स्थित ओपन ट्रांसफार्मर को हटाकर कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है। इससे नीलकंठ क्षेत्र में दिन-रात निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाया गया है। कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए नीलकंठ क्षेत्र एवं यात्रा मार्ग पर जल संस्थान द्वारा 18 स्टैंड पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनमें नौ पैदल मार्ग और नौ सड़क मार्ग पर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सात टैंकरों के माध्यम से भी जलापूर्ति की जा रही है। यात्रियों की आवाजाही वाले प्रमुख स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को पर्याप्त एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीलकंठ क्षेत्र में आठ मेडिकल रिलीफ पोस्ट 36 स्वास्थ्यकर्मी और सात एंबुलेंस तैनात की गई हैं। अब तक 22,750 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। सभी मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम एंटी रेबीज वैक्सीन एवं 24 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को स्वच्छ एवं सुविधाजनक बनाए रखने के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में 50 सफाई कर्मी चार कूड़ा पिकअप वाहन और 22 कूड़ेदान तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शौचालय बायो-टॉयलेट एवं पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। बरसात में फिसलन रोकने के लिए नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए 10 कार्मिक भी तैनात किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर आपसी समन्वय से कांवड़ यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। पैदल यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की वन्यजीवों से सुरक्षा के दृष्टिगत वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड भी लगातार गश्त कर यात्रियों की सुरक्षा एवं सहायता में जुटे हैं। व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधा नीलकंठ क्षेत्र में पहुंच रहे कांवड़ यात्रियों ने जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। यात्रियों ने कहा कि यात्रा मार्ग पर शौचालय यातायात पेयजल साफ-सफाई चिकित्सा विद्युत एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से उन्हें काफी सुविधा मिल रही है। यात्रियों ने विभिन्न विभागों के कार्मिकों की मौके पर मौजूदगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता को भी सराहनीय बताया। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर नीलकंठ क्षेत्र तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित सुगम एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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