प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद रुद्रप्रयाग में 7 अगस्त से व्यापक एवं गहन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जनपद के नगर निकायों के साथ-साथ न्याय पंचायत क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करना स्वच्छता के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है। नामित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण करने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने तथा आमजन को नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को न्याय पंचायत ऊखीमठ क्षेत्र में पंचायती राज विभाग समाज कल्याण विभाग राजस्व विभाग न्याय पंचायत ऊखीमठ के ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों को ठोस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन उसके उचित निस्तारण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के दौरान ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत उषाड़ा के ग्राम प्रधान द्वारा ग्रामीणों को अपशिष्ट पदार्थों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि कचरे को उसकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग एकत्रित करना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका निस्तारण करना आवश्यक है। लोगों को अपने घरों एवं आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने तथा कूड़े को खुले में न फेंकने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को विशेष रूप से गीला अवशिष्ट सूखा अवशिष्ट विशेष देखभाल अवशिष्ट एवं स्वच्छता अवशिष्ट को अलग-अलग रखने एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उसका निस्तारण करने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि घर से ही कचरे का पृथक्करण किए जाने से उसके उचित निस्तारण एवं पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है। अभियान के तहत लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूर्ण रूप से बंद करने प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का प्रयोग करने तथा बाजार एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाने अथवा इधर-उधर फेंकने से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त गुरुवार को अभियान के अंतर्गत सौंराखाल स्यूर बांगर गुप्तकाशी ल्वारा मनसूना फाटा एवं ऊखीमठ सहित विभिन्न न्याय पंचायत क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बाजारों सार्वजनिक स्थलों नालियों एवं आसपास की स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध को लेकर अभियान निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने आमजन से अपील की है कि स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं, घर से ही कचरे का पृथक्करण करें निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालें तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूर्ण रूप से बंद करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयासों के साथ जनसहभागिता से ही स्वच्छ स्वस्थ एवं प्लास्टिक मुक्त रुद्रप्रयाग का निर्माण संभव है।
