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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनगणना-2027 के तहत जनपद चमोली के हिमाच्छादित एवं दुर्गम राजस्व ग्रामों में दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन गांवों में रहने वाले नागरिक 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक घर बैठे ऑनलाइन स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य पूरा करेंगे। 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी गौरव कुमार ने जिला सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि चमोली जिले में कुल 25 हिमाच्छादित गांव चिन्हित किए गए हैं। इनमें ज्योतिर्मठ तहसील के नीती गमशाली बम्पा फरकिया गांव गुरुगुटी मेहरगांव कैलाशपुर मलारी कोषा जेलम द्रोणागिरी गरपाक कागा लगा द्रोणागिरी लमतोली जुम्मा रेवेल चाक कुरकुटी तोलमा माणा भ्यूंडार बामणी बद्रीनाथ खीरो तथा ओध हनुमान चट्टी शामिल हैं। वहीं चमोली तहसील के रुद्रनाथ और पांगर्वासा कांचुला खर्क भी हिमाच्छादित गांवों की सूची में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन गांवों में शीतकाल के दौरान नवंबर से अप्रैल तक अधिकांश परिवार निचले क्षेत्रों की ओर प्रवास करते हैं। उपलब्ध सूची के अनुसार नीती में 29 परिवार गमशाली में 108 बम्पा में 60 फरकिया गांव में 41 गुरुगुटी में 101 मेहरगांव में 43 कैलाशपुर में 35 मलारी में 400 कोषा में 71 जेलम में 81 द्रोणागिरी में 31 गरपाक में 11 कागा लगा द्रोणागिरी में 26 जुम्मा में 62 तोलमा में 74 माणा में 558 भ्यूंडार में 11 बामणी में 508 बद्रीनाथ में 342 खीरो में 30 तथा ओध हनुमान चट्टी में 55 परिवार दर्ज हैं। वहीं लमतोली रेवेल चाक कुरकुटी-गैर बसासत तथा रुद्रनाथ और पांगरवासा कांचुला खर्क गैर-आबाद श्रेणी में हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि हिमाच्छादित गांवों के नागरिक https://se-snowbound.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। पोर्टल पर लगभग 40 आसान प्रश्नों की जानकारी स्वयं दर्ज करनी होगी। स्व-गणना पूरी करने के बाद प्राप्त कोड नंबर को सुरक्षित रखना आवश्यक है। 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे तब यह कोड नंबर प्रगणक को उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुगम और त्वरित रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने सभी हिमाच्छादित गांवों के नागरिकों से निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना पूरी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुर्गम और हिमाच्छादित क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान आवागमन तथा परिवारों की उपलब्धता चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में स्व-गणना की सुविधा नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है और इससे जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूरा करने में सहायता मिलेगी। विदित है कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना की प्रक्रिया 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक संचालित की गई थी। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण का कार्य किया गया। जनपद चमोली में इस चरण के लिए कुल 1,469 जनगणना ब्लॉक बनाए गए थे। इनमें 814 प्रगणक 145 सुपरवाइजर और 24 चार्ज अधिकारियों द्वारा शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया गया।

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