प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सीमा टेकचंदानी के निर्देशन में जनपद में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलने वाले पखवाड़े के पहले दिन विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 28 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए शपथ पत्र भरा। पखवाड़े के तहत जखोली ब्लॉक के दूरस्थ राजकीय इंटर कॉलेज कैलाश बांगर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गोष्ठियों में वक्ताओं ने नेत्रदान के महत्व और प्रक्रिया की जानकारी देते हुए लोगों को इसके लिए प्रेरित किया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सीमा टेकचंदानी ने बताया कि नेत्रदान के प्रति जनमानस में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आंख के एक हिस्से कॉर्निया का प्रत्यारोपण कर नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है लेकिन कॉर्निया की भारी कमी है। उन्होंने नेत्रदान को नेक कार्य बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नेत्रहीन लोगों को दृष्टि का अमूल्य उपहार दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान समुदाय के बीच नेत्र शिविर आयोजित किए जाएंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की स्वास्थ्य टीमें अपने भ्रमण वाले स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में तथा एएनएम और आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करेंगे। जखोली ब्लॉक के जीआईसी कैलाश बांगर और सीएचसी अगस्त्यमुनि में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में बताया गया कि नेत्रदान मृत्यु के बाद किया जाता है और मृत्यु के 6 से 8 घंटे के भीतर आंख ली जानी आवश्यक होती है। नेत्रदान के लिए चिकित्सक स्वयं घर जाकर नेत्र प्राप्त करते हैं और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। किसी भी उम्र का व्यक्ति मृत्यु से पूर्व नेत्रदान का संकल्प ले सकता है हालांकि कॉर्निया का साफ और स्वस्थ होना जरूरी है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति भी नेत्रदान कर सकता है। गोष्ठी में यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति ने जीवनकाल में नेत्रदान की घोषणा नहीं की हो तब भी उसके परिजन नेत्रदान करा सकते हैं। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोगों को दोबारा दुनिया देखने का अवसर मिल सकता है। लोगों को नेत्र सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। वर्ष में कम से कम एक बार नेत्र विशेषज्ञ से आंखों की जांच कराने बच्चों को नुकीली वस्तुओं वाले खिलौनों से दूर रखने तथा आई फ्लू होने पर नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की गई। चिकित्सकीय परामर्श के बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी गई। नेत्रदान से संबंधित जानकारी के लिए हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई। इसी क्रम में निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान के सहयोग से राजकीय इंटर कॉलेज कैलाश बांगर में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 115 बच्चों की आंखों की जांच की गई जबकि 14 बच्चों को निशुल्क चश्मे वितरित किए गए। पखवाड़े के पहले दिन पूरे जनपद में 28 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए शपथ पत्र भरा। कार्यक्रमों में डॉ.नीतिका फार्मेसिस्ट राजेंद्र सिंह रावत आरकेएसके काउंसलर जयदीप निर्मल आश्रम संस्था के गौरव नौटियाल कुलेंद्र रावत शिवांशु अमन सरियाल सुखवीर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
