प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। गणेशपुर में दो बहनों की गोली मारकर हत्या के मामले का हरिद्वार पुलिस ने चंद घंटों के भीतर खुलासा करते हुए उनके सगे भाई विवेक उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और बहनों के चरित्र पर शक हत्या की वजह सामने आ रही है। घटना के दौरान हत्यारोपी का जीजा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसका उपचार चल रहा है। 25-26 अगस्त 2026 की रात गणेशपुर रुड़की निवासी अर्जुन सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि उसके मामा विवेक उर्फ विक्की ने फायरिंग कर उसकी मां और मौसी की हत्या कर दी तथा इस दौरान उसके मौसा को भी गोली लगने से गंभीर चोट आई। सूचना मिलते ही कोतवाली गंगनहर पुलिस ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए और आरोपी की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर आरोपी विवेक उर्फ विक्की को चुड़ामणि मंदिर चौक के पास चुड़ियाला भगवानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 315 बोर का एक तमंचा छह खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक उर्फ विक्की पुत्र जयपाल निवासी चुड़ियाला थाना भगवानपुर, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ और जांच में संपत्ति विवाद तथा बहनों के चरित्र पर शक हत्या के पीछे की वजह नजर आ रही है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में क्षेत्राधिकारी रुड़की ओशीन जोशी प्रभारी निरीक्षक मणी भूषण श्रीवास्तव वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीप कुमार उपनिरीक्षक सन्तोष सेमवाल उपनिरीक्षक नवीन कुमार उपनिरीक्षक ब्रहमदत्त बिजलवाण उपनिरीक्षक पंकज कुमार उपनिरीक्षक हरीश गैरोला अपर उपनिरीक्षक मनीष कवि अपर उपनिरीक्षक कान्ता प्रसाद कांस्टेबल प्रीतम सिंह कांस्टेबल रणवीर सिंह कांस्टेबल अजय बिष्ट और कांस्टेबल फरीद शामिल रहे। सीआईयू रुड़की टीम में अपर उपनिरीक्षक अश्वनी यादव कांस्टेबल आशीष शर्मा कांस्टेबल अजय काला कांस्टेबल रविन्द्र खत्री और कांस्टेबल महीपाल शामिल रहे।
