प्रदीप कुमार
श्यामपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 35 लाख रुपये कीमत का 12 टायरा ट्रक 48 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। पुलिस ने ट्रक चोरी करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर ट्रक को गैण्डीखाता क्षेत्र में जंगल में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया था जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया। जानकारी के अनुसार 24 अगस्त 2026 को कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र के माईनिंग चेक पोस्ट से लाल रंग का ओपन बॉडी 12 टायरा ट्रक चोरी हो गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने विभिन्न पहलुओं से पड़ताल करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की। 31 अगस्त को पुलिस ने मामले में सामने आए दो संदिग्धों शहजाद परवेज पुत्र अमीनुद्दीन निवासी मोहल्ला मुगलुशाह थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश उम्र 38 वर्ष तथा हबीब खां पुत्र प्यारे खां निवासी मोहल्ला किला थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश उम्र 55 वर्ष को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने ट्रक चोरी करने की बात स्वीकार की और बताया कि चोरी किए गए ट्रक को गैण्डीखाता क्षेत्र में जंगल की ओर छिपाकर रखा गया है। उपनिरीक्षक गगन मैठाणी के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों आरोपियों को साथ लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर गुर्जर बस्ती की ओर जाने वाले रास्ते के पास जंगली झाड़ियों के बीच से लाल रंग का ओपन बॉडी 12 टायरा ट्रक बरामद किया गया। आरोपियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से ट्रक की नंबर प्लेट भी हटा दी थी। बरामदगी के दौरान पुलिस ने मौके पर ट्रक का गहन निरीक्षण किया तथा उसके चेसिस और इंजन नंबर का सत्यापन किया। सत्यापन में ट्रक चोरी किए गए वाहन से संबंधित पाया गया। कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई। बरामद ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। ट्रक की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा उपनिरीक्षक मनोज रावत उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी लालढांग गगन मैठाणी उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी चंडीघाट देवेन्द्र तोमर अपर उपनिरीक्षक रविन्द्र गौड़ हेड कांस्टेबल शेर सिंह कांस्टेबल राहुल देव संदीप रावत मनमोहन सैनी विनीत कुमार तथा एसओजी हरिद्वार के कांस्टेबल वसीम शामिल रहे। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ अपराध से संबंधित संपत्ति की त्वरित बरामदगी कर पीड़ित को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।
