प्रदीप कुमार
कोठियालसैंण-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली पुलिस की साइबर सेल टीम ने प्रौद्योगिकी संस्थान कोठियालसैंण पहुंचकर बीटेक के छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में सामने आ रहे नए और बदलते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान युवाओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने के साथ ही नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उप निरीक्षक नवनीत भंडारी ने छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए होने वाली ठगी डीपफेक वीडियो और आवाज के माध्यम से फ्रॉड डिजिटल गिरफ्तारी फर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रोफाइल सोशल मीडिया के जरिए होने वाली डिजिटल ठगी ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश संबंधी धोखाधड़ी बफर्जी नौकरी के प्रस्ताव टेलीग्राम और व्हाट्सऐप आधारित ठगी फर्जी ऐप एवं वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से होने वाले जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने विश्वास में लेकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में तकनीकी रूप से जागरूक होने के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना भी बेहद जरूरी है। छात्रों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही छात्रों को नशे के बढ़ते प्रचलन और युवाओं पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें नशे से दूर रहने अपने साथियों को भी नशे के प्रति जागरूक करने तथा नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम को संवादात्मक रखा गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराध सोशल मीडिया की सुरक्षा और नशे से संबंधित कई सवाल पूछे जिनका साइबर सेल की टीम ने व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया। पुलिस टीम ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए डिजिटल सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी। इस अवसर पर संस्थान के रजिस्ट्रार सन्दीप कंडवाल डीएसडब्लू अभिषेक अग्रवाल डीन आरएंडडी अरविन्द गोस्वामी हेड कांस्टेबल अंकित पोखरियाल कांस्टेबल रविकांत कांस्टेबल जितेन्द्र रावत सहित संस्थान के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
