प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। नन्दानगर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के नीचे नन्दाकिनी नदी के तेज और उफनते बहाव के बीच फंसी गाय को चमोली पुलिस डीडीआरएफ और नगर पंचायत नन्दानगर की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रात के अंधेरे और नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान को सुबह तक रोकना पड़ा लेकिन पुलिस टीम रातभर बेजुबान जानवर पर नजर बनाए रही। स्थानीय निवासियों ने देर रात थाना नन्दानगर पुलिस को सूचना दी कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नन्दानगर के नीचे नन्दाकिनी नदी के तेज बहाव के बीच एक गाय फंसी हुई है। सूचना मिलते ही थाना नन्दानगर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस कर्मियों ने गाय को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन रात का घना अंधेरा और नदी का बेहद तेज बहाव रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू अभियान को सुबह तक रोकना पड़ा। हालांकि पुलिस टीम रातभर उस बेजुबान जिंदगी पर नजर बनाए रही। सुबह होते ही एक बार फिर रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई। थाना नन्दानगर पुलिस डीडीआरएफ और नगर पंचायत नन्दानगर की संयुक्त टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची। नदी का पानी अब भी तेज वेग से बह रहा था लेकिन टीम ने सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रस्सियों की मदद से टीम के जवान तेज बहाव के बीच पहुंचे और बेहद सावधानीपूर्वक फंसी हुई गाय को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। रेस्क्यू के दौरान हर कदम पर जोखिम बना हुआ था लेकिन टीम के जवान लगातार आगे बढ़ते रहे। काफी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया। गाय के सुरक्षित जमीन पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू टीम ने राहत की सांस ली। यह अभियान केवल एक सफल रेस्क्यू ही नहीं बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल भी बना। जिस बेजुबान के पास अपनी परेशानी बताने के लिए शब्द नहीं थे उसकी परेशानी को स्थानीय लोगों ने महसूस किया और पुलिस व रेस्क्यू टीम ने उसे अपना फर्ज समझकर निभाया। चमोली पुलिस और रेस्क्यू टीम की इस कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया कि जान इंसान की हो या बेजुबान की, हर जिंदगी अनमोल है।
