प्रदीप कुमार
पोखरी-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। थाना पोखरी पुलिस की ओर से सोमवार को नरेन्द्र सिंह भण्डारी राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान पोखरी में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी फर्जी लिंक भेजकर कभी सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने के नाम पर तो कभी ऑनलाइन नौकरी निवेश डिजिटल गिरफ्तारी अथवा अन्य आकर्षक ऑफर का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने अथवा अपनी निजी और गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के लिए जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि डिजिटल दुनिया में की गई एक छोटी सी गलती भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन ऑफर कॉल या संदेश पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। किसी प्रकार का संदेह होने पर पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही नजदीकी पुलिस थाने को भी इसकी सूचना दें। ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से ठगी की धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के लिए कार्रवाई में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के दौरान 112 आपातकालीन सेवा की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को महिला सुरक्षा और महिला अपराधों से संबंधित कानूनों के बारे में बताया गया तथा पुलिस सहायता के लिए तत्काल नजदीकी थाने से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं से स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और अपने परिवार मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार लोगों की जल्दबाजी और लापरवाही है जबकि उनसे बचने का सबसे मजबूत हथियार सतर्कता और जागरूकता है।
