योग से उम्र को दे रहे चुनौती 81 साल की उम्र में रणबीर सिंह रावत बने फिटनेस की मिसाल
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जहां एक ओर बढ़ती उम्र में लोग शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आते हैं,वहीं पौड़ी जिले के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक रणबीर सिंह रावत योग के जरिए शारीरिक कौशल में युवाओं को भी मात दे रहे हैं।उन्होंने न सिर्फ योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है,बल्कि वर्षों से लोगों को योग सिखाकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। उम्र भले ही 81 की हो,लेकिन जज्बा किसी युवा से कम नहीं।पौड़ी जनपद के एकेश्वर विकासखंड अंतर्गत श्रीकोटखाल गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रणबीर सिंह रावत अपने अनुशासित जीवन और योग के प्रति समर्पण से न केवल स्वयं को स्वस्थ रखे हुए हैं,बल्कि समाज को भी स्वस्थ जीवन की प्रेरणा दे रहे हैं। रणबीर सिंह रावत बताते हैं कि योग सिर्फ व्यायाम नहीं,बल्कि एक जीवनशैली है। वह कहते हैं घर हो या महफ़िल,स्कूल हो या खुला आंगन,मैं जहां भी मौका मिलता है,लोगों को योग के प्रति जागरुक करता हूं। योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है,बल्कि मानसिक तनाव भी दूर होता है। वह बताते हैं कि कई बार लोग दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं,जबकि योग के जरिए कई बीमारियों से बचाव और इलाज संभव है। वह वर्ष 2005 में हेडमास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए,उसके बाद उन्होंने अपने जीवन को योग और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। वे गांव-गांव जाकर योग शिविर लगाते हैं और बच्चों,युवाओं तथा बुजुर्गों को योगाभ्यास कराते हैं। आज भी वे विभिन्न प्रकार के कठिन योगासन बड़ी सहजता से कर लेते हैं।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणबीर सिंह रावत जैसे व्यक्तित्व उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं,जो उम्र या स्वास्थ्य को बहाना बनाकर योग से दूर रहते हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अगर संकल्प हो,तो उम्र महज एक संख्या बनकर रह जाती है।रणबीर सिंह रावत ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पौड़ी जनपद के अलावा अन्य जनपदों से भी योग के लिये निमंत्रण आते हैं। वह कहते हैं कि आम नागरिकों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिये। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि हमारे विभाग की ओर से भी ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है,जो योग और आयुर्वेद जैसी भारतीय पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान दे रहे हैं। विभाग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणबीर सिंह रावत जैसे लोगों को सम्मानित कर समाज को यह संदेश देना चाहता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उम्र कोई बाधा नहीं है,बल्कि सही दिनचर्या और योग से हर व्यक्ति स्वस्थ व सक्रिय रह सकता है।
Spread the love
योग से उम्र को दे रहे चुनौती 81 साल की उम्र में रणबीर सिंह रावत बने फिटनेस की मिसाल
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जहां एक ओर बढ़ती उम्र में लोग शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आते हैं,वहीं पौड़ी जिले के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक रणबीर सिंह रावत योग के जरिए शारीरिक कौशल में युवाओं को भी मात दे रहे हैं।उन्होंने न सिर्फ योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है,बल्कि वर्षों से लोगों को योग सिखाकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। उम्र भले ही 81 की हो,लेकिन जज्बा किसी युवा से कम नहीं।पौड़ी जनपद के एकेश्वर विकासखंड अंतर्गत श्रीकोटखाल गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रणबीर सिंह रावत अपने अनुशासित जीवन और योग के प्रति समर्पण से न केवल स्वयं को स्वस्थ रखे हुए हैं,बल्कि समाज को भी स्वस्थ जीवन की प्रेरणा दे रहे हैं। रणबीर सिंह रावत बताते हैं कि योग सिर्फ व्यायाम नहीं,बल्कि एक जीवनशैली है। वह कहते हैं घर हो या महफ़िल,स्कूल हो या खुला आंगन,मैं जहां भी मौका मिलता है,लोगों को योग के प्रति जागरुक करता हूं। योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है,बल्कि मानसिक तनाव भी दूर होता है। वह बताते हैं कि कई बार लोग दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं,जबकि योग के जरिए कई बीमारियों से बचाव और इलाज संभव है। वह वर्ष 2005 में हेडमास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए,उसके बाद उन्होंने अपने जीवन को योग और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। वे गांव-गांव जाकर योग शिविर लगाते हैं और बच्चों,युवाओं तथा बुजुर्गों को योगाभ्यास कराते हैं। आज भी वे विभिन्न प्रकार के कठिन योगासन बड़ी सहजता से कर लेते हैं।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणबीर सिंह रावत जैसे व्यक्तित्व उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं,जो उम्र या स्वास्थ्य को बहाना बनाकर योग से दूर रहते हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अगर संकल्प हो,तो उम्र महज एक संख्या बनकर रह जाती है।रणबीर सिंह रावत ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पौड़ी जनपद के अलावा अन्य जनपदों से भी योग के लिये निमंत्रण आते हैं। वह कहते हैं कि आम नागरिकों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिये। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि हमारे विभाग की ओर से भी ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है,जो योग और आयुर्वेद जैसी भारतीय पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान दे रहे हैं। विभाग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणबीर सिंह रावत जैसे लोगों को सम्मानित कर समाज को यह संदेश देना चाहता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उम्र कोई बाधा नहीं है,बल्कि सही दिनचर्या और योग से हर व्यक्ति स्वस्थ व सक्रिय रह सकता है।