प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य की सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने अपनी कार्ययोजनाओं को गति दी है। सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ.आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई दो महत्वपूर्ण बैठकों में रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की निर्माण कार्ययोजना और देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में 48 नए श्रेणी-3 आवासों के निर्माण की योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के लिए तैयार 4884.20 लाख यानी करीब 48.84 करोड़ रुपये के विस्तृत आगणन की सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ.आर.राजेश कुमार ने समीक्षा की। उन्होंने अतिथि गृह को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिथि गृह का कॉन्फ्रेंस हॉल आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो तथा इसमें मजबूत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था बड़े आकार के फ्लैट टीवी और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। इससे पर्वतीय क्षेत्र में स्थित राज्य अतिथि गृह को आवासीय सुविधा के साथ प्रशासनिक एवं संवाद केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। रतूड़ा परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। सचिव ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप निर्माण स्थल की नदी से न्यूनतम 200 मीटर दूरी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नियमानुसार प्रमाण-पत्र को अभिलेखों में संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य अतिथि गृह के प्रस्तावित स्वरूप के अनुरूप मुख्य प्रवेश द्वार और केंद्रीय भवन पर आकर्षक एवं बड़े आकार का लोगो स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में पुराने जर्जर भवनों को हटाने के बाद रिक्त भूमि के उपयोग की योजना तैयार की गई है। यहां 2807.21 लाख यानी करीब 28.07 करोड़ रुपये की लागत से 48 नए श्रेणी-3 आवासीय भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। सचिव ने निर्देश दिए कि भवनों के बाहरी हिस्से में ऐसी निर्माण सामग्री और फिनिशिंग का उपयोग किया जाए जिसकी अनुरक्षण लागत कम हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े। रेसकोर्स आवासीय परियोजना में हरित भवन मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संरक्षण के लिए अनिवार्य रूप से वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक कॉलोनी के बाहर उसका नाम स्पष्ट और आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग डिजाइन और प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ.आर.राजेश कुमार के दिशा-निर्देशों में राज्य संपत्ति विभाग सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों को केवल निर्माण परियोजना के रूप में नहीं देख रहा है बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं पर्यावरणीय संतुलन कम रखरखाव लागत और बेहतर उपयोगिता के आधार पर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह पर्वतीय क्षेत्र में आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है जबकि देहरादून का रेसकोर्स सरकारी कार्मिकों के लिए व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल आवासीय परिसर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में आवासीय एवं राज्य संपत्ति से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में स्थानीय वास्तुशैली को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को योजनाओं का शीघ्र लाभ मिल सके।
