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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड में अनुसंधान एवं परामर्श अनुभाग तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 17 सितंबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता बूटकैंप 2026 का शुभारंभ किया गया। बूटकैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास से परिचित कराना तथा अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की व्यावहारिक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है। कार्यक्रम में विशेष रूप से एजेंटिक एआई इंजीनियरिंग बहु-एजेंट प्रणालियों उत्पादन-स्तरीय पुनर्प्राप्ति-संवर्धित निर्माण तथा व्यावहारिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अधिकारियों संकाय सदस्यों विद्यार्थियों उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों की उपस्थिति में हुआ। अधिष्ठाता अनुसंधान एवं परामर्श डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। सह-अधिष्ठाता अनुसंधान एवं परामर्श एवं बूटकैंप के समन्वयक डॉ.शशांक भातरा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए इंजीनियरिंग एवं विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। संस्थान प्रबंधन की ओर से कुलसचिव हरि मौल आज़ाद ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों में नवाचार तकनीकी दक्षता तथा उद्योगोन्मुखी अधिगम को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। बूटकैंप के संयोजक अधिष्ठाता अनुसंधान एवं परामर्श डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.मारोती देशमुख हैं। कार्यक्रम की आयोजन टीम में डॉ.पंकज कुमार पाल डॉ.शशांक भातरा तथा डॉ.स्नेहा चौहान शामिल हैं जो कार्यक्रम के विभिन्न शैक्षणिक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यों का समन्वय कर रहे हैं। बूटकैंप का एक महत्वपूर्ण पक्ष पहाड़ी एआई के संस्थापक एवं एनआईटी उत्तराखंड के पूर्व छात्र जय आदित्य नैटियाल एवं सुमितेश नैथानी की पहल है। उन्होंने उत्तराखंड और अपने शिक्षण संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता के भाव से एजेंटिक एआई के क्षेत्र में अपने अनुभव एवं ज्ञान को विद्यार्थियों के साथ साझा करने की पहल की है। विद्यार्थियों के लिए सार्थक अधिगम के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों को इस पहल से जोड़ा है। इनमें पब्लिसिस सैपिएंट में इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष श्रीमैन दाश उत्पाद के उपाध्यक्ष भरत अरोड़ा तथा सॉफ्टवेयर विकास अभियंता-1 शुभम करवा शामिल हैं। इन विशेषज्ञों की सहभागिता से विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने उनके व्यावहारिक अनुभवों से सीखने तथा संवादात्मक एवं व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से सहयोग की संभावनाओं को समझने का अवसर मिल रहा है। पांच दिवसीय बूटकैंप में बहु-एजेंट सहयोग प्रणालियों तथा सुरक्षा नियंत्रण एवं मूल्यांकन के साथ उत्पादन-स्तरीय पुनर्प्राप्ति-संवर्धित निर्माण पर तकनीकी सत्रों के साथ-साथ विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों की भागीदारी वाला एक गहन कृत्रिम बुद्धिमत्ता हैकाथॉन भी आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के साथ संवाद व्यावहारिक अधिगम मार्गदर्शन विचार-सृजन विकास तथा व्यावहारिक समस्या समाधान को एकीकृत किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी उभरती हुई कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों का उपयोग करते हुए व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकेंगे। इस पहल के माध्यम से एनआईटी उत्तराखंड अपने पूर्व छात्रों एवं उद्योग जगत के साझेदारों के साथ संस्थागत सहभागिता को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों व्यावहारिक अधिगम तथा पेशेवर नेटवर्क से जुड़ने के सार्थक अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। यह बूटकैंप पूर्व छात्रों द्वारा अपनी मातृ संस्था को अपने अनुभव एवं ज्ञान के माध्यम से योगदान देने तथा उत्तराखंड के तकनीकी विकास एवं प्रगति में भागीदारी की भावना को भी प्रतिबिंबित करता है।

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