प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस का साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी चम्बा के पर्यवेक्षण में कोतवाली कैम्पटी पुलिस ने ग्राम भेडियान पट्टी छैज्यूला में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बुजुर्गों महिलाओं युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई और व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति पर ऑनलाइन माध्यम से विश्वास करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है। ग्रामीणों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी पिन सीवीवी बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और पासवर्ड साझा न करें। बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल पर भी गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेश स्वीकार करते समय सावधानी बरतने को कहा गया। ग्रामीणों को बताया गया कि यूपीआई के माध्यम से पैसे प्राप्त करने के लिए पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती इसलिए किसी के कहने पर यूपीआई पिन नहीं डालना चाहिए। क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले उसके उद्देश्य की जांच करने के लिए भी जागरूक किया गया। ग्रामीणों को फर्जी केवाईसी अपडेट बिजली बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने सिम बंद होने फर्जी नौकरी लोन और इनाम के नाम पर आने वाले संदेशों व कॉल से सावधान रहने की जानकारी दी गई। किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले प्राप्तकर्ता और भुगतान से संबंधित जानकारी को अच्छी तरह जांचने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी की घटना के तुरंत बाद शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है। घटना की सूचना जितनी जल्दी संबंधित तंत्र तक पहुंचती है ठगी गई धनराशि को संबंधित खातों में फ्रीज कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। ग्रामीणों से अपील की गई कि साइबर ठगी होने पर शर्म या संकोच न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें। समय पर की गई कार्रवाई से आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी साइबर संबंधी शंकाओं का समाधान किया। साथ ही उन्हें अपने परिवार के अन्य सदस्यों विशेषकर बुजुर्गों और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने से अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान पंचायत सदस्य स्थानीय महिलाएं बुजुर्ग युवा और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कैम्पटी पुलिस द्वारा आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की और साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करने का आश्वासन दिया।
