प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। प्रचलित मां नंदा जात यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षी दर्शन को एक मोबाइल फोन मिला। मोबाइल की बाजार कीमत भले ही अधिक नहीं थी लेकिन उसके मालिक के लिए वह बेहद महत्वपूर्ण था। आरक्षी दर्शन ने जिम्मेदारी और ईमानदारी का परिचय देते हुए मोबाइल को सुरक्षित रखा और उसके वास्तविक स्वामी की तलाश शुरू की। प्रयासों के बाद मोबाइल की स्वामिनी का पता लगाया गया। इसके बाद आरक्षी दर्शन ने मोबाइल फोन को सकुशल महिला श्रद्धालु के सुपुर्द कर दिया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर महिला श्रद्धालु के चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने आरक्षी दर्शन का हृदय से आभार व्यक्त किया। मां नंदा की पावन यात्रा में जवानों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ ही श्रद्धालुओं की छोटी-बड़ी परेशानियों में सहयोग करना उनकी सेवा भावना को दर्शाता है। किसी वस्तु की कीमत केवल उसकी बाजार कीमत से नहीं बल्कि उसके मालिक के लिए उसकी अहमियत से तय होती है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सहायता और उनकी छोटी-बड़ी परेशानियों का समाधान करना भी जवानों की प्राथमिकता है। आरक्षी दर्शन द्वारा महिला श्रद्धालु का खोया मोबाइल तलाशकर वापस लौटाना इसी जिम्मेदारी और सेवा भावना का परिचायक है।
