प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सड़क दुर्घटना अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराना घायल व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय विद्यालय पौड़ी में सड़क सुरक्षा एवं फर्स्ट रिस्पॉन्डर स्किल्स पर तीन घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिवहन विभाग एवं पराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पौड़ी के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में घायलों की तत्काल सहायता करने प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों तथा घायल व्यक्ति की स्थिति को सुरक्षित रखने के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आरटीओ विमल पांडे ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के साथ प्रत्येक व्यक्ति को आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है। दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में आसपास मौजूद व्यक्ति यदि सही तरीके से सहायता उपलब्ध कराए तो घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने तक उसकी स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं फर्स्ट रिस्पॉन्डर कौशल से जोड़ना सुरक्षित यातायात व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने तथा सड़क पर स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक छात्र-छात्राएं एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
