प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा संकल्प अभियान के तीसरे चरण के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा के तहत नगर पालिका परिषद पौड़ी द्वारा नगर क्षेत्र में चार प्रकार के कूड़ा पृथक्करण को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नागरिकों एवं दुकानदारों को कूड़े को घर और प्रतिष्ठान के स्तर पर ही अलग-अलग रखने तथा नगर पालिका के कूड़ा संग्रहण वाहनों को भी पृथक रूप से कूड़ा उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया गया।जन-जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को अवगत कराया गया कि घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कूड़े को गीला कचरा सूखा कचरा घरेलू हानिकारक कचरा तथा सैनिटरी कचरा चार अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाना चाहिए। भोजन के अवशेष फल-सब्जियों के छिलके आदि गीले कचरे में जबकि कागज गत्ता प्लास्टिक कांच और धातु जैसी सामग्री सूखे कचरे में रखी जानी चाहिए। वहीं बैटरी बल्ब ट्यूबलाइट पेंट एवं रसायनों के अवशेष जैसी सामग्री घरेलू हानिकारक कचरे में तथा इस्तेमाल किए गए डायपर सैनिटरी पैड एवं अन्य सैनिटरी सामग्री को अलग श्रेणी में रखने के लिए अवगत कराया गया। अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि कूड़े का स्रोत स्तर पर पृथक्करण स्वच्छ एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन की पहली और महत्वपूर्ण कड़ी है। कूड़े को अलग-अलग रखने से गीले कचरे का उचित निस्तारण एवं प्रसंस्करण पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का पुनः उपयोग तथा हानिकारक कचरे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नागरिकों से खुले में कूड़ा न डालने निर्धारित स्थान पर ही कूड़ा देने तथा कूड़ा संग्रहण के समय अलग-अलग श्रेणी का कचरा पृथक रूप से उपलब्ध कराने की अपील की गई। साथ ही कचरे की मात्रा कम करने उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग करने और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए कम उपयोग पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की अवधारणा अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि स्वच्छता में जनभागीदारी बढ़ाने और कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए लगातार जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ ही कूड़ा पृथक्करण को दैनिक जीवन की आदत बनाना है।
