प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन निखिल शर्मा तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार में ऑटो रिक्शा एवं विक्रम वाहनों द्वारा यात्रियों से लिए जा रहे किराए की आकस्मिक जांच की गई। जांच के दौरान परिवहन निरीक्षक अनिल निपुल एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने स्वयं आम यात्री बनकर ऑटो एवं विक्रम में यात्रा की ताकि यात्रियों से वास्तविक रूप से वसूले जा रहे किराए की स्थिति का जायजा लिया जा सके। कार्रवाई के दौरान कुल 105 चालान काटे गए तथा 25 वाहन जब्त किए गए। जांच में रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक दो विक्रम वाहनों के चालकों द्वारा यात्रियों से 300 रुपये किराया मांगे जाने की पुष्टि हुई जबकि इस मार्ग का सामान्य निर्धारित किराया मात्र 50 रुपये है। अधिक किराया वसूलने के आरोप में दोनों विक्रम वाहनों को जब्त कर लिया गया है। चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसी जांच के दौरान एक ई-रिक्शा को ओवरलोडिंग के आरोप में तथा दो ई-रिक्शा को बिना पंजीकरण के संचालित किए जाने के आरोप में जब्त किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली ओवरलोडिंग तथा बिना पंजीकरण वाहन चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार परिवहन विभाग द्वारा इस तरह की आकस्मिक जांच आगे भी जारी रखी जाएगी ताकि यात्रियों के शोषण को रोका जा सके और परिवहन व्यवस्था को नियमों के अनुरूप बनाए रखा जा सके। परिवहन विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि किसी वाहन चालक द्वारा निर्धारित किराए से अधिक किराया वसूला जाता है या किसी अन्य नियम का उल्लंघन किया जाता है तो वाहन की पहचान से संबंधित जानकारी नोट कर परिवहन विभाग को सूचना दें।
