प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 के सफल एवं पारदर्शी संपादन की तैयारियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में उपलब्ध ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच तथा इससे संबंधित तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रथम स्तरीय जांच के दौरान ईवीएम एवं वीवीपैट की भौतिक एवं कार्यप्रणाली संबंधी जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है। जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद में उपलब्ध ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस निकट बहुद्देशीय क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में की जाएगी। निर्वाचन आयोग से आए अभियंताओं एवं तकनीकी टीम द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया संपादित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम स्तरीय जांच का कार्य प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक किया जाएगा। सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी यह प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार जारी रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों में भी प्रथम स्तरीय जांच के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है और अवकाश के दिनों में भी प्रक्रिया जारी रखने का प्रावधान है। जिलाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया शुरू होने की तिथि से कार्य समाप्ति तक प्रत्येक दिन निर्धारित समय पर दल के अध्यक्ष स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि को निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहने के लिए अधिकृत करें। प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया में प्रत्येक राजनीतिक दल से अधिकतम दो अधिकृत प्रतिनिधि प्रतिदिन प्रतिभाग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम स्तरीय जांच केंद्र एवं हॉल में प्रवेश के लिए विधिवत प्रवेश पास जारी किए जाएंगे। इसके लिए राजनीतिक दलों को अपने अधिकृत प्रतिनिधियों का विवरण 30 सितंबर 2026 तक जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा। विवरण के साथ प्रत्येक प्रतिनिधि के पासपोर्ट साइज के नवीनतम दो-दो फोटोग्राफ नाम मोबाइल नंबर पिता या पति का नाम पूरा पता तथा आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल महत्वपूर्ण सहयोगी एवं जिम्मेदार हितधारक हैं। प्रथम स्तरीय जांच में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति से प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि प्रथम स्तरीय जांच का कार्य पूर्ण होने के बाद मॉक पोल के लिए निर्धारित तिथि की सूचना मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को यथासमय अलग से दी जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग में एसआईआर का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा 3 अक्टूबर 2026 को शुद्ध अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा।
