प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सैनिक सम्मेलन के पश्चात एसएसपी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय रोशनाबाद स्थित सभागार में माह अगस्त की अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में एसपी क्राइम निशा यादव एसपी देहात अभय सिंह एसपी सिटी दीपक सिंह सहित जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी तथा थाना और शाखा प्रभारी सम्मिलित हुए। इस दौरान विगत माह जनपद में घटित अपराधों उनके अनावरण मुख्यालय एवं जनपद स्तर से चलाए जा रहे अभियानों लंबित विवेचनाओं सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अपराध समीक्षा के दौरान सभी थानों के कार्यों की समीक्षा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि जिन सर्किल और थाना प्रभारियों के थानों में विवेचना एवं शिकायती प्रार्थना पत्र लंबित हैं वे भविष्य में लंबित प्रकरणों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने आम नागरिकों के साथ थानों में मधुर व्यवहार रखने और महिलाओं की समस्याओं को सुनने के लिए महिला उपनिरीक्षक या महिला स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी क्षेत्राधिकारियों एवं प्रभारी निरीक्षकों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया कि भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत दर्ज मामलों में विवेचक पारदर्शी विवेचना अमल में लाएं। क्षेत्राधिकारी थानों में समीक्षा करते हुए लंबित विवेचनाओं का गुण-दोष के आधार पर समय से निस्तारण कराएं। साथ ही जिन विवेचकों द्वारा पारदर्शिता के अनुरूप सही प्रकार से विवेचना संपादित नहीं की जा रही है, उनकी रिपोर्ट कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें। लंबित प्रारंभिक जांचों के विवरण तथा थानों और मानवाधिकार आयोग से संबंधित लंबित जांचों की पर्यवेक्षक अधिकारी द्वारा समीक्षा कर विवेचक को गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण के लिए निर्देशित करने को कहा गया। जिन विवेचनाओं में 60 और 90 दिन की समयावधि निर्धारित होती है उनमें पर्यवेक्षण अधिकारी यह समीक्षा करें कि विवेचना निर्धारित समयावधि के भीतर पूरी हो। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक नगर एवं पुलिस अधीक्षक देहात को इसकी स्वयं समीक्षा कर अनुपालन से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस मुख्यालय द्वारा विभिन्न स्तरों पर ऑनलाइन माध्यम से शिकायती प्रकरण भेजे जाते हैं। सभी प्रभारी ऐसे प्रकरणों में निर्धारित समयावधि के भीतर कार्रवाई करते हुए उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। जिन थानों पर काफी पुराना माल लंबित चल रहा है संबंधित थाना प्रभारी उसकी समीक्षा कर क्षेत्राधिकारी के माध्यम से कार्यालय में रिपोर्ट प्रेषित करें ताकि संबंधित से आवश्यक पत्राचार कर उसका निस्तारण किया जा सके। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि थाना क्षेत्र में मिलने वाले अज्ञात शवों की शिनाख्त सहित अन्य आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए सीमावर्ती जनपदों और राज्यों से समन्वय स्थापित कर उचित पत्राचार एवं वार्तालाप करें। साथ ही डीसीआरबी को भी डाटा उपलब्ध कराया जाए जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों में बढ़ने वाली चहल-पहल के साथ लूट और डकैती जैसी आपराधिक घटनाओं की संभावना को ध्यान में रखते हुए बाजारों तथा वित्तीय प्रतिष्ठानों में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैंक एवं सर्राफा व्यापारियों से मुलाकात कर सुरक्षा गार्ड लगाने और सीसीटीवी कैमरों को चालू हालत में रखने के संबंध में वार्ता करने को कहा गया। रात्रि के समय गश्त एवं पिकेट को भली प्रकार ब्रीफ कर रवाना करने के निर्देश दिए गए। थाना स्तर पर आने वाले सभी आगंतुकों के साथ मधुर व्यवहार रखने तथा महिला आगंतुकों की समस्या के समाधान के लिए महिला उपनिरीक्षक या महिला कर्मी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए ताकि महिलाएं अपनी समस्या सही प्रकार से बता सकें। ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों और समस्याओं को भी गंभीरता से लेने को कहा गया। एसएसपी ने कहा कि कई बार पीड़ित भौतिक रूप से अपनी समस्या नहीं रख पाता और ऑनलाइन माध्यम का विकल्प चुनता है। ऐसे में उसकी मदद करना नितांत आवश्यक है। सभी थानों में रात्रि गश्त को ब्रीफ कर समय से रवाना करने तथा रात्रि अधिकारी द्वारा गश्त सक्रिय होने की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। रात्रि अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र एवं ड्यूटी के संबंध में पूरी जानकारी रखते हों। गंभीर प्रकरणों में विवेचकों को न्यायालय में आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट भेजने से पहले वैज्ञानिक साक्ष्यों का सही तरीके से अध्ययन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि न्याय मिलने में पुलिस की भागीदारी पूर्ण हो। जनपद में जिन थाना कार्यालयों में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है उनकी देखरेख के लिए एक कर्मी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए। संबंधित थाना प्रभारी भवन निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखेंगे। किसी भी प्रकार की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित प्रभारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
