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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नैनीडांडा और बीरोंखाल क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों और अभिभावकों को बाल विकास विभाग की योजनाओं पोषण स्वास्थ्य एवं बालिका शिक्षा से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों आशा कार्यकत्रियों अभिभावकों तथा विभागीय कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। बाल विकास परियोजना नैनीडांडा के आंगनबाड़ी केंद्र कैलधार में आयोजित आंगन मिलन कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी क्षेत्रीय सुपरवाइजर ग्राम प्रधान आशा कार्यकत्री धात्री महिलाएं और अभिभावक उपस्थित रहे। इस दौरान दो बालिकाओं का जन्मोत्सव मनाते हुए उन्हें उपहार भेंट किए गए जबकि तीन लाभार्थियों को पोषण किट वितरित की गईं। कार्यक्रम में बच्चों और माताओं के पोषण तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र जोग्याणा प्रथम में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रधान जोग्याणा शालिनी बिष्ट वार्ड सदस्य राधा देवी आशा कार्यकत्री पुष्पा देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुभद्रा देवी सहायिका मोनिका देवी प्रधानाध्यापिका मंजुला थपलियाल सहायक अध्यापक अजीत कंडवाल एवं सोनिका बिजलवाण सहित 10 अभिभावकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में बच्चों के पोषण स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई तथा अभिभावकों को बच्चों के समुचित विकास के लिए जागरूक किया गया। बाल विकास परियोजना बीरोंखाल के आंगनबाड़ी केंद्र डुमैला मल्ला में आयोजित आंगन मिलन कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ पंजीकृत लाभार्थियों को पूरा पोषाहार वितरित किया गया। इस दौरान पोषण के महत्व पर जानकारी देते हुए दो किशोरियों को टी-शर्ट भी वितरित की गईं। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह रावत ग्राम प्रधान आशा कार्यकत्री क्षेत्रीय सुपरवाइजर आशा रावत आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका सहित लाभार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि आंगन मिलन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों किशोरियों और माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ते हुए बच्चों के स्वस्थ एवं समुचित विकास के लिए जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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