प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर 2026 को कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय एनसीओआरडी यानी नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे की रोकथाम अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। शुक्रवार को आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी ने पुलिस राजस्व और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय से अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने त्योहारों के मद्देनजर छापेमारी बढ़ाने तथा दूरस्थ और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भांग की खेती की निगरानी कर उसे नष्ट करने के लिए उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में बताया गया कि सितंबर माह में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान स्मैक और चरस भी बरामद की गई। आबकारी अधिनियम के तहत आठ अभियोग दर्ज कर आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। एएनटीएफ टीमों ने नशे के विरुद्ध 50 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जिनमें 2636 छात्र-छात्राओं और 2398 स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। वहीं कोटपा के तहत 180 चालान किए गए और 5840 रुपये का संयोजन शुल्क प्राप्त किया गया। अपर जिलाधिकारी ने अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा अधिनियम जिला बदर और पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने शिक्षा और पुलिस विभाग को सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। साथ ही नशे की लत से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग कराने और नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों से लौटने वाले युवाओं की निगरानी करने तथा प्रांतीय रक्षक दल और माई भारत की टीमों को यूथ क्लबों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। मेडिकल स्टोरों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को नियमित जांच और आकस्मिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना लाइसेंस संचालित दुकानों और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के मामलों में कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही जनपद में संचालित पंजीकृत मेडिकल स्टोरों की कुल संख्या सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता की जानकारी भी मांगी। अपर जिलाधिकारी ने विद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों की स्थिति की समीक्षा करने तथा मानस पोर्टल-1933 और ड्रग फ्री कैंपस के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति रानीचौरी द्वारा सितंबर माह में ग्राम बड़कोट ग्राम सभा जाखणीधार में नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही ग्राम सुधार समिति का गठन भी किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राम प्रकाश डॉ.अमलेश कुमार सिंह साइकोलॉजिस्ट डॉ.रीना सिंह आबकारी निरीक्षक भारत प्रसाद ड्रग इंस्पेक्टर ऋषभ धामा और पुलिस विभाग से संगीता शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
