प्रदीप कुमार
कर्णप्रयाग-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। कर्णप्रयाग पुलिस ने रामेश्वरी सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर सिमली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को साइबर अपराधों से बचाव तथा मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी और फर्जी कॉल के साथ संदिग्ध लिंक तथा फर्जी वेबसाइट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों की जानकारी दी गई। पुलिस ने इन अपराधों से बचाव के तरीके बताते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी और पासवर्ड अथवा निजी जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान स्रोतों से एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। उन्हें मोबाइल फोन का सीमित और आवश्यकतानुसार उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी समय निकालने की सलाह दी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने के महत्व के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया गया। चमोली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें। पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता बरतने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने का संदेश दिया।
