प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान देशी रियासतों के एकीकरण तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रति उनके विचारों को स्मरण करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.ओपी गोसाईं रहे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष प्रो.एमएम सेमवाल ने सरदार पटेल के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को साझा करते हुए उनके अदम्य साहस कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने पत्नी के निधन का समाचार मिलने के बावजूद न्यायालय में अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखने के प्रसंग के माध्यम से पटेल की कर्तव्यपरायणता को रेखांकित किया। साथ ही स्वतंत्रता के पश्चात देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के संयोजक एवं राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.राकेश नेगी ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को भारत की सांस्कृतिक विविधता सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। डॉ.नरेश ने भी राष्ट्रीय एकीकरण एवं सरदार पटेल के योगदान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंतर्गत उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकीकरण राष्ट्र निर्माण सामाजिक समरसता एवं सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में अतिथि शिक्षक डॉ.गिरीश डॉ.सुभाष एवं डॉ.हेमलता सहित विभाग के अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों की ओर से पीएचडी शोधार्थी साक्षी एवं करिश्मा तथा बीए के विद्यार्थी जसमीत अभिषु लखेड़ा एवं भूमिका जोशी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इनके अतिरिक्त अन्य विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना विविधता में एकता तथा राष्ट्र की अखंडता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
