प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। दीपावली के पर्व पर टिहरी पुलिस ने 60 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाकर उन्हें विशेष उपहार दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस और सीआईयू की टीम ने मिशन मुस्कान के अंतर्गत वर्ष 2026 में अब तक गुम हुए 60 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 16 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। इनमें विशेष उपलब्धि के रूप में भारत सरकार के सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से 60 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन विभिन्न राज्यों से ट्रेस कर बरामद किए गए हैं। दीपावली एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर पुलिस की इस पहल से मोबाइल स्वामियों को उनकी महत्वपूर्ण जानकारियां और यादें वापस मिली हैं। मोबाइल फोन में सुरक्षित परिवार के सदस्यों की तस्वीरें और महत्वपूर्ण संपर्क तथा जरूरी दस्तावेज एवं निजी जानकारियां भी लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। कई लोगों ने टिहरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें अपना मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी लेकिन पुलिस के तकनीकी प्रयासों और लगातार की गई कार्रवाई से उन्हें अपना मोबाइल वापस मिल सका। टिहरी पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल की सहायता से विभिन्न राज्यों में उपयोग किए जा रहे मोबाइल फोन को तकनीकी विश्लेषण और आईएमईआई आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से ट्रेस किया। इसके लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर लगातार प्रयास किए गए और मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाए गए। पुलिस द्वारा पर्यटन के दौरान टिहरी जनपद में मोबाइल फोन खोने वाले पर्यटकों के मोबाइल भी उनके घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं। कई पर्यटक मोबाइल खोने के बाद अपने गृह राज्यों को लौट चुके थे। ऐसे मामलों में टिहरी पुलिस उनसे संपर्क स्थापित कर बरामद मोबाइल फोन सुरक्षित रूप से कोरियर सेवा के माध्यम से उनके घर भेज रही है। पुलिस की इस मानवीय पहल की मोबाइल स्वामियों द्वारा सराहना की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि आमजन के विश्वास को मजबूत करना भी है। किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं होता बल्कि उसमें उसकी महत्वपूर्ण जानकारियां और पारिवारिक तस्वीरें तथा अनेक भावनात्मक यादें जुड़ी होती हैं। मिशन मुस्कान के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का उपयोग करते हुए लोगों को उनकी खोई हुई अमूल्य यादें वापस दिलाई जा सकें। दीपावली के अवसर पर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना पुलिस के लिए भी सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। सीईआईआर पोर्टल के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित यह पोर्टल गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक करने और उसके नेटवर्क पर उपयोग की निगरानी के माध्यम से मोबाइल को ट्रेस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। टिहरी पुलिस ने इस पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए 60 मोबाइल फोन बरामद किए हैं जो आधुनिक तकनीक और पुलिसिंग के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। टिहरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर घबराएं नहीं बल्कि तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस चौकी में सूचना दर्ज कराएं। मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें और भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल को ब्लॉक कराएं। मोबाइल के दुरुपयोग की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। मोबाइल बरामद होने पर सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से उसे दोबारा अनब्लॉक कराया जा सकता है। टिहरी पुलिस ने कहा कि आमजन की सुरक्षा और खुशियां तथा उनका विश्वास पुलिस की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग एवं जनसहयोग के माध्यम से पुलिस आमजन की सेवा और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। मिशन मुस्कान के माध्यम से पुलिस ने न केवल लोगों के खोए हुए मोबाइल लौटाए हैं बल्कि उनसे जुड़ी अपनों की यादें भी वापस पहुंचाई हैं।
