बेस अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मिली नई मजबूती सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी की सुविधा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बेस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अब अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी की सुविधा प्रदान की गई है। इससे अब सुरक्षा गार्ड आपस में तुरंत संपर्क स्थापित कर सकेंगे और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।यह सुविधा श्रीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना के प्रयासों से उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की है।डॉ.सयाना ने बताया कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। कई बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं,जहां तुरंत संपर्क और समन्वय की आवश्यकता होती है
वॉकी-टॉकी के माध्यम से अब सुरक्षा कर्मी बिना किसी देरी के आपस में संदेश साझा कर सकेंगे,जिससे सतर्कता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।अस्पताल में फिलहाल तीन शिफ्टों में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं,और वॉकी-टॉकी मिलने से अब रात में भी निगरानी और समन्वय में काफी सहूलियत होगी। खासकर आपातकालीन विभाग,मुख्य द्वार और विभिन्न वार्डों में सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और सक्रियता इस सुविधा से और अधिक बेहतर हो सकेगी।यह कदम मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है,जिसकी स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी सराहना की है।
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बेस अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मिली नई मजबूती सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी की सुविधा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बेस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अब अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी की सुविधा प्रदान की गई है। इससे अब सुरक्षा गार्ड आपस में तुरंत संपर्क स्थापित कर सकेंगे और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।यह सुविधा श्रीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना के प्रयासों से उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की है।डॉ.सयाना ने बताया कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। कई बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं,जहां तुरंत संपर्क और समन्वय की आवश्यकता होती है
वॉकी-टॉकी के माध्यम से अब सुरक्षा कर्मी बिना किसी देरी के आपस में संदेश साझा कर सकेंगे,जिससे सतर्कता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।अस्पताल में फिलहाल तीन शिफ्टों में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं,और वॉकी-टॉकी मिलने से अब रात में भी निगरानी और समन्वय में काफी सहूलियत होगी। खासकर आपातकालीन विभाग,मुख्य द्वार और विभिन्न वार्डों में सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और सक्रियता इस सुविधा से और अधिक बेहतर हो सकेगी।यह कदम मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है,जिसकी स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी सराहना की है।