श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में फिर शुरू होगी हार्ट ओपीडी गढ़वाल के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। क्षेत्र के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में शनिवार को हृदय रोग विशेषज्ञ की ओपीडी एक बार फिर से शुरू की जा रही है। मरीज बेस अस्पताल श्रीनगर में कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श ले सकेंगे।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना ने बताया कि कार्डियो ओपीडी बेस अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी के पास लगाई जाएगी। यह ओपीडी फिलहाल शनिवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.अमर उपाध्याय सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में माह में दो दिन ओपीडी लगाने के लिए समय और दिन तय किया जाएगा।इसके अलावा अन्य कार्डियोलॉजिस्ट के माध्यम से भी ओपीडी सेवाएं देने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।डॉ.सयाना ने बताया कि पूर्व में यह ओपीडी स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से शुरू हुई थी,जिसे अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को हृदय संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए देहरादून या ऋषिकेश के अस्पतालों के चक्कर न काटने पड़ें।जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्डियो ओपीडी की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में फिर शुरू होगी हार्ट ओपीडी गढ़वाल के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। क्षेत्र के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में शनिवार को हृदय रोग विशेषज्ञ की ओपीडी एक बार फिर से शुरू की जा रही है। मरीज बेस अस्पताल श्रीनगर में कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श ले सकेंगे।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना ने बताया कि कार्डियो ओपीडी बेस अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी के पास लगाई जाएगी। यह ओपीडी फिलहाल शनिवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.अमर उपाध्याय सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में माह में दो दिन ओपीडी लगाने के लिए समय और दिन तय किया जाएगा।इसके अलावा अन्य कार्डियोलॉजिस्ट के माध्यम से भी ओपीडी सेवाएं देने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।डॉ.सयाना ने बताया कि पूर्व में यह ओपीडी स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से शुरू हुई थी,जिसे अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को हृदय संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए देहरादून या ऋषिकेश के अस्पतालों के चक्कर न काटने पड़ें।जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्डियो ओपीडी की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।