मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों का पांव धोकर किया स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और 251 फीट भगवा ध्वज का शिलान्यास भी किया
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुॅचकर ओम पुल के निकट गंगा घाट पर आयोजित प्रतिभाग किया तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का चरण धोकर स्वागत किया व सम्मानित किया।
उन्होंने आयोजित भजन सन्ध्या में भी प्रतिभाग किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि सभी शिव भक्त कांवड़ियों का पैर पखार कर उनका आर्शिवाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ। यहां पर अयोजित शानदार भंजन संध्या सच में आंनदित करने वाली है। उन्होंने कहा कि आनन्द में ही परमान्नद की प्राप्ति होती है,परमानन्द देने का काम यहां पर हो रहा है।उन्होंने कहा कि वास्तव में यहां पर आनन्द का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर भी सच में ये भगवान की कृपा के बिना प्राप्त
नहीं होता है। बहुत सारे लोग सोचते होगे कि हम कांवड मेंले में जायें और कांवड लेकर आयेंगे लेकिन अवसर मां गंगा व भगवान महादेव की कृपा से कुछ ही लोगों को प्राप्त हो पाता है। जिन पर मां गंगा की और भगवान शिव की कृपा होती है,उन्हीं को यह अवसर मिलता है।उन्होंने अद्भुत आयोजन के लिए हरिद्वार पुलिस सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों,एचआरडीए को बहुत बधाई दी।उन्होंने कहा कि भोले बाबा अपने नाम के अनुकुल ही बड़े भोले है। वे जल
अर्पित करने मात्र से ही अपने सभी भक्तों की मनोकामनायें पूरी कर देते है,और श्रावण मास में तो भगवान की भक्ति का प्रभाव अत्यधिक बड़ जाता है।सैकड़ा-हजारों किलोमीटर से दूर-दूर से चलकर शिव भक्त कांवड़िये धर्म नगरी हरिद्वार से गंगा का जल लेकर जाते है और जलाभिषेक करते है। उन्होंने कहा कि भोले बाबा की भक्ति में कितनी शक्ति है,इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिना थके,बिना
रूके,बिना विश्राम किये बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर निरन्तर बढ़ते जाते है,निरन्तर चलते जाते है। उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा न केवल श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है बल्कि यह हमें सेवा में पुण्य का भागीदार बनने का भी अवसर देती है। इस वर्ष की अभी तक कांवड यात्रा पर एक करोड़ से अधिक शिव भक्त कांवड़ियों ने अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान कर लिया है।उन्होंने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ संस्कृति के संरक्षण के लिए बहुत पुनरोत्थान के कार्य भी चले रहे है,चाहें काशी विश्वनाथ कोरिडोर,अयोध्या में भव्य राम मन्दिर बनने की बात करें या उज्जैन में बनने वाला महाकाल,हमारे देवभूमि उत्तराखण्ड में केदारनाथ का नवनिर्माण या बद्रीविशाल का मास्टर प्लान हो इन सभी पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमारे
राज्य में प्रथम ध्वज वाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम किया है। वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री है साढे़ सतरा हजार फुट की ऊँचाईं पर जाकर सीमांत क्षेत्र में भगवान आदि कैलाश व पार्वती कुण्ड के दर्शन किये। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मां गंगा के तट पर हरिद्वार-ऋषिकेष कोरिडोर का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हरिद्वार धर्मनगरी का भी काशी,अयोध्या की भाँति अपने भव्य स्वरूप में दर्शन हो जाया करेंगें। उन्होंने कहा कि सरकार इस पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए हमने पहली बार एक विशिष्ट मोबाइल एप के साथ स्वास्थ्य केन्द्र,शौंचालय,पार्किंग,टिन शेड विस्तार,विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था की है। आपकी यात्रा में कोई असुविधा न हो साथ ही प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्रों में होटल एवं ढाबों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मोनीटरिंग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये है,धर्मनगरी हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही हैं। लगभग तीन सौ से ज्यादा कैमरें कांवड क्षेत्र में लगाये गये है। कांवड मेंला क्षेत्र में वाटर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की है,जाम में फंसे गम्भीर मरीजों को गंगा नदी और गंगनहर के जरिये जल्द से जल्द निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुंचायें जा सके। कांवड मेंला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नही हमारी आस्था श्रृद्धा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हमारा सौभाग्य है कि हर साल करोंड़ों-करोंडों शिव भक्तों का सेवा करने का सुअवसर प्राप्त होता है। जहां भक्ति है वहां मर्यादा की भी आवश्यकता है,जहां आस्था है वहां अनुशासन भी जरूरी है,और जहां शिव है वहां शान्ति भी स्वाभाविक है।लेकिन हाल ही में कुछ घटनाएं भी सामने आई है,जहां कुछ स्थानों पर कांवड यात्रा के दौरान उपद्रव और अनुशासनहीनता भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति कोई प्रदर्शन नहीं बल्कि एक
आन्तरिक साधना है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव को जलाभिषेक करने,जल अर्पित करने एवं उनकी अराधना करने की पवित्र यात्रा एवं अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि महादेव को प्रसन्न करने के लिए,अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए,अपना शोधन करने लिए इस यात्रा को करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने सृष्टि व दूसरों की रक्षा के लिए हलाहल पी लिया,इसलिए वह नीलकण्ठ हो गए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आपकी यात्रा के कारण किसी को भी पेरशानी न हो,यात्रा में किसी भी प्रकार का विघ्न एवं बाधा न हो,कावंड़ यात्रा के नियमों का पालन करें।उन्होंने गर्व करते हुए कहा कि यात्रा नियमों का पालन करते हुए लाख श्रद्धालु यात्रा कर रहे,ऐंसे श्रद्धालुओं को नमन किया।उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति कावड़ यात्रा के उद्देश्यों को भुलाकर अशान्ति,एवं उपद्रव की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं,उनसे भी विनम्र अपील की कि वह सच्चे शिव भक्त की भांति विनम्रता पूर्ण आचरण करें,क्योंकि जब भक्त विनम्र और सहनशील होता है
तब आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान आशुतोष से प्रार्थना की कि इस बार की कांवड़ यात्रा आपके भीतर शिव तत्व को जागृत करें,इसके लिए आपको प्रसन्न रहकर शान्तिपूर्ण आचरण करना होगा।उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पुण्य भूमि केवल आप सभी का स्वागत ही नहीं करती है,बल्कि आपकी सेवा को अपना शौभाग्य मानती है। इसलिए संरकार,शासन एवं प्रशासन,स्वयं सेवी संगठन,डॉक्टर्स,सफाई कर्मी,व्यापार मण्डल,श्री गंगा सभा,जनप्रतिनिधिगण,सन्तगण सभी मिलकर कांवड़ यात्रा का संयोजन करते हैं।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हमने विकल्प रहित संकल्प के साथ हम निरन्तर कार्य कर रहे हैं,उसका परिणाम भी आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दिशा बिल्कुल सही लक्ष्य की ओर बढ़ रही है,नीति आयोग भारत सरकार ने इण्डेक्स में पूरे देश के अन्दर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में देवभूमि
उत्तराखण्ड ने देश के अन्दर पहला स्थान प्राप्त किया है।इसके साथ ही बेरोजगारी दर राष्ट्रीय स्तर से कम हुई है। उन्होंने कहा कि हमने नकलविरोधी कानून बनाया है,इसके बनने के बाद 24 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना किसी नकल व बिना भ्रष्टाचार के सम्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नकल माफिया जेल की सलाखों के पीछ़े हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी काम किया है,सख्त धर्मान्तरण विरोधी कानून लागू किया है,दंगा विरोधी कानून,समान नागरिकता कानून लागू किया है,वहीं लब जिहाद,लैण्ड जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ भी कठौर कार्यवाही सुनिश्चित की है।उन्होंने कहा कि सनानत की आड़ में विधर्मियों द्वारा छद्म वेष बनाकर भोले भाले लोगों को ठगने के खिलाफ भी ऑपरेशन कालनेमि चला रहे हैं। इस ऑपरेशन के माध्यम से छद्म वेशधारियों को पकड़ने का काम कर रहे है,जोकि सनातन धर्म को नुकसान पहुॅचाने एवं हिन्दु धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में श्रीमद् भागवत गीता के पाठ को भी अनिवार्य कर दिया है। पिछले दो दिनों से सभी स्कूलों में विद्यार्थी गीता का पाठ कर रहे हैं,जिससे हमारे प्रदेश के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ जीवन जीने की कला को भी सीख पायें,शिक्षा के साथ-साथ अपने अध्यात्म के प्रति भी उत्सुकता भी जागृत हो।उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यात्रा की सफलता एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जो भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं,उनका अनुपालन करें,यात्रा को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी,राज्यसभा सासंद कल्पना सैनी,राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,शोभाराम प्रजापति,देशराज कर्णवाल,हरिद्वार मेयर किरण जैसल,रुड़की मेयर अनीता देवी,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,विधायक प्रदीप बत्रा,आदेश चौहान,मदन कौशिक,जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा,जिलाध्यक्ष रुड़की मधु,श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम,महामंत्री तन्मय वशिष्ठ,सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,प्रणव सिंह चैंपियन,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,आईजी राजीव स्वरूप,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल,महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि आदि सहित
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मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों का पांव धोकर किया स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और 251 फीट भगवा ध्वज का शिलान्यास भी किया
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुॅचकर ओम पुल के निकट गंगा घाट पर आयोजित प्रतिभाग किया तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का चरण धोकर स्वागत किया व सम्मानित किया।
उन्होंने आयोजित भजन सन्ध्या में भी प्रतिभाग किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि सभी शिव भक्त कांवड़ियों का पैर पखार कर उनका आर्शिवाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ। यहां पर अयोजित शानदार भंजन संध्या सच में आंनदित करने वाली है। उन्होंने कहा कि आनन्द में ही परमान्नद की प्राप्ति होती है,परमानन्द देने का काम यहां पर हो रहा है।उन्होंने कहा कि वास्तव में यहां पर आनन्द का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर भी सच में ये भगवान की कृपा के बिना प्राप्त
नहीं होता है। बहुत सारे लोग सोचते होगे कि हम कांवड मेंले में जायें और कांवड लेकर आयेंगे लेकिन अवसर मां गंगा व भगवान महादेव की कृपा से कुछ ही लोगों को प्राप्त हो पाता है। जिन पर मां गंगा की और भगवान शिव की कृपा होती है,उन्हीं को यह अवसर मिलता है।उन्होंने अद्भुत आयोजन के लिए हरिद्वार पुलिस सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों,एचआरडीए को बहुत बधाई दी।उन्होंने कहा कि भोले बाबा अपने नाम के अनुकुल ही बड़े भोले है। वे जल
अर्पित करने मात्र से ही अपने सभी भक्तों की मनोकामनायें पूरी कर देते है,और श्रावण मास में तो भगवान की भक्ति का प्रभाव अत्यधिक बड़ जाता है।सैकड़ा-हजारों किलोमीटर से दूर-दूर से चलकर शिव भक्त कांवड़िये धर्म नगरी हरिद्वार से गंगा का जल लेकर जाते है और जलाभिषेक करते है। उन्होंने कहा कि भोले बाबा की भक्ति में कितनी शक्ति है,इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिना थके,बिना
रूके,बिना विश्राम किये बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर निरन्तर बढ़ते जाते है,निरन्तर चलते जाते है। उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा न केवल श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है बल्कि यह हमें सेवा में पुण्य का भागीदार बनने का भी अवसर देती है। इस वर्ष की अभी तक कांवड यात्रा पर एक करोड़ से अधिक शिव भक्त कांवड़ियों ने अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान कर लिया है।उन्होंने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ संस्कृति के संरक्षण के लिए बहुत पुनरोत्थान के कार्य भी चले रहे है,चाहें काशी विश्वनाथ कोरिडोर,अयोध्या में भव्य राम मन्दिर बनने की बात करें या उज्जैन में बनने वाला महाकाल,हमारे देवभूमि उत्तराखण्ड में केदारनाथ का नवनिर्माण या बद्रीविशाल का मास्टर प्लान हो इन सभी पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमारे
राज्य में प्रथम ध्वज वाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम किया है। वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री है साढे़ सतरा हजार फुट की ऊँचाईं पर जाकर सीमांत क्षेत्र में भगवान आदि कैलाश व पार्वती कुण्ड के दर्शन किये। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मां गंगा के तट पर हरिद्वार-ऋषिकेष कोरिडोर का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हरिद्वार धर्मनगरी का भी काशी,अयोध्या की भाँति अपने भव्य स्वरूप में दर्शन हो जाया करेंगें। उन्होंने कहा कि सरकार इस पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए हमने पहली बार एक विशिष्ट मोबाइल एप के साथ स्वास्थ्य केन्द्र,शौंचालय,पार्किंग,टिन शेड विस्तार,विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था की है। आपकी यात्रा में कोई असुविधा न हो साथ ही प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्रों में होटल एवं ढाबों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मोनीटरिंग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये है,धर्मनगरी हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही हैं। लगभग तीन सौ से ज्यादा कैमरें कांवड क्षेत्र में लगाये गये है। कांवड मेंला क्षेत्र में वाटर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की है,जाम में फंसे गम्भीर मरीजों को गंगा नदी और गंगनहर के जरिये जल्द से जल्द निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुंचायें जा सके। कांवड मेंला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नही हमारी आस्था श्रृद्धा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हमारा सौभाग्य है कि हर साल करोंड़ों-करोंडों शिव भक्तों का सेवा करने का सुअवसर प्राप्त होता है। जहां भक्ति है वहां मर्यादा की भी आवश्यकता है,जहां आस्था है वहां अनुशासन भी जरूरी है,और जहां शिव है वहां शान्ति भी स्वाभाविक है।लेकिन हाल ही में कुछ घटनाएं भी सामने आई है,जहां कुछ स्थानों पर कांवड यात्रा के दौरान उपद्रव और अनुशासनहीनता भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति कोई प्रदर्शन नहीं बल्कि एक
आन्तरिक साधना है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव को जलाभिषेक करने,जल अर्पित करने एवं उनकी अराधना करने की पवित्र यात्रा एवं अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि महादेव को प्रसन्न करने के लिए,अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए,अपना शोधन करने लिए इस यात्रा को करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने सृष्टि व दूसरों की रक्षा के लिए हलाहल पी लिया,इसलिए वह नीलकण्ठ हो गए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आपकी यात्रा के कारण किसी को भी पेरशानी न हो,यात्रा में किसी भी प्रकार का विघ्न एवं बाधा न हो,कावंड़ यात्रा के नियमों का पालन करें।उन्होंने गर्व करते हुए कहा कि यात्रा नियमों का पालन करते हुए लाख श्रद्धालु यात्रा कर रहे,ऐंसे श्रद्धालुओं को नमन किया।उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति कावड़ यात्रा के उद्देश्यों को भुलाकर अशान्ति,एवं उपद्रव की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं,उनसे भी विनम्र अपील की कि वह सच्चे शिव भक्त की भांति विनम्रता पूर्ण आचरण करें,क्योंकि जब भक्त विनम्र और सहनशील होता है
तब आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान आशुतोष से प्रार्थना की कि इस बार की कांवड़ यात्रा आपके भीतर शिव तत्व को जागृत करें,इसके लिए आपको प्रसन्न रहकर शान्तिपूर्ण आचरण करना होगा।उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पुण्य भूमि केवल आप सभी का स्वागत ही नहीं करती है,बल्कि आपकी सेवा को अपना शौभाग्य मानती है। इसलिए संरकार,शासन एवं प्रशासन,स्वयं सेवी संगठन,डॉक्टर्स,सफाई कर्मी,व्यापार मण्डल,श्री गंगा सभा,जनप्रतिनिधिगण,सन्तगण सभी मिलकर कांवड़ यात्रा का संयोजन करते हैं।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हमने विकल्प रहित संकल्प के साथ हम निरन्तर कार्य कर रहे हैं,उसका परिणाम भी आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दिशा बिल्कुल सही लक्ष्य की ओर बढ़ रही है,नीति आयोग भारत सरकार ने इण्डेक्स में पूरे देश के अन्दर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में देवभूमि
उत्तराखण्ड ने देश के अन्दर पहला स्थान प्राप्त किया है।इसके साथ ही बेरोजगारी दर राष्ट्रीय स्तर से कम हुई है। उन्होंने कहा कि हमने नकलविरोधी कानून बनाया है,इसके बनने के बाद 24 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना किसी नकल व बिना भ्रष्टाचार के सम्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नकल माफिया जेल की सलाखों के पीछ़े हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी काम किया है,सख्त धर्मान्तरण विरोधी कानून लागू किया है,दंगा विरोधी कानून,समान नागरिकता कानून लागू किया है,वहीं लब जिहाद,लैण्ड जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ भी कठौर कार्यवाही सुनिश्चित की है।उन्होंने कहा कि सनानत की आड़ में विधर्मियों द्वारा छद्म वेष बनाकर भोले भाले लोगों को ठगने के खिलाफ भी ऑपरेशन कालनेमि चला रहे हैं। इस ऑपरेशन के माध्यम से छद्म वेशधारियों को पकड़ने का काम कर रहे है,जोकि सनातन धर्म को नुकसान पहुॅचाने एवं हिन्दु धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में श्रीमद् भागवत गीता के पाठ को भी अनिवार्य कर दिया है। पिछले दो दिनों से सभी स्कूलों में विद्यार्थी गीता का पाठ कर रहे हैं,जिससे हमारे प्रदेश के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ जीवन जीने की कला को भी सीख पायें,शिक्षा के साथ-साथ अपने अध्यात्म के प्रति भी उत्सुकता भी जागृत हो।उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यात्रा की सफलता एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जो भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं,उनका अनुपालन करें,यात्रा को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी,राज्यसभा सासंद कल्पना सैनी,राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,शोभाराम प्रजापति,देशराज कर्णवाल,हरिद्वार मेयर किरण जैसल,रुड़की मेयर अनीता देवी,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,विधायक प्रदीप बत्रा,आदेश चौहान,मदन कौशिक,जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा,जिलाध्यक्ष रुड़की मधु,श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम,महामंत्री तन्मय वशिष्ठ,सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,प्रणव सिंह चैंपियन,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,आईजी राजीव स्वरूप,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल,महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि आदि सहित