डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र में विकसित भारत में युवाओं की भूमिका विषय पर साप्ताहिक संवाद का आयोजन
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।आज श्रीनगर डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र में साप्ताहिक संवाद श्रृंखला के अंतर्गत विकसित भारत में युवाओं की भूमिका-2047 तक विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संवाद युवाओं के विचार,ऊर्जा एवं दायित्व बोध को केंद्र में रखते हुए आयोजित किया गया था।कार्यक्रम का संचालन साक्षी वर्मा ने कुशलतापूर्वक किया।संवाद के दौरान दीपक सौरियाल,रोशन,विपुल,आर्यन,धर्म प्रताप,संजीव मिश्रा एवं अंकुल जैसे छात्र वक्ताओं ने विषय पर अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।वक्ताओं ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को विकसित भारत की नींव बताते हुए,कृषि,शिक्षा तकनीक एवं सामाजिक चेतना जैसे क्षेत्रों में नवाचार और योगदान की आवश्यकता पर बल दिया।डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक,प्रो.एम.एम.सेमवाल ने अपने वक्तव्य में युवाओं की उत्पादकता,राजनीतिक समझ,और डिजिटल दक्षता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि,आज का युवा यदि समर्पित,कुशल एवं दूरदर्शी बनकर कार्य करे,तो वह राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम की विशेष शोभा तब और बढ़ गई जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति,प्रोफेसर प्रकाश सिंह कार्यक्रम में पधारे। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा,यदि किसी भी प्रकार की अकादमिक या प्रशासनिक समस्या हो,तो छात्रगण मुझसे कभी भी,कहीं से भी संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय सदैव आपके साथ है।इस अवसर पर केंद्र के मान्यवर संकाय सदस्य,डॉ.प्रकाश सिंह एवं डॉ.आशीष बहुगुणा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने युवाओं को समाज परिवर्तन का अग्रदूत बताते हुए कहा,विकसित भारत का मार्ग उन्हीं युवाओं के संकल्प और सृजनशीलता से होकर गुजरता है,जो राष्ट्र सेवा को अपना धर्म मानते हैं।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शोध छात्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक बताया। संवाद ने छात्रों में राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता,उत्तरदायित्व एवं आशा का संचार किया।
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डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र में विकसित भारत में युवाओं की भूमिका विषय पर साप्ताहिक संवाद का आयोजन
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।आज श्रीनगर डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र में साप्ताहिक संवाद श्रृंखला के अंतर्गत विकसित भारत में युवाओं की भूमिका-2047 तक विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संवाद युवाओं के विचार,ऊर्जा एवं दायित्व बोध को केंद्र में रखते हुए आयोजित किया गया था।कार्यक्रम का संचालन साक्षी वर्मा ने कुशलतापूर्वक किया।संवाद के दौरान दीपक सौरियाल,रोशन,विपुल,आर्यन,धर्म प्रताप,संजीव मिश्रा एवं अंकुल जैसे छात्र वक्ताओं ने विषय पर अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।वक्ताओं ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को विकसित भारत की नींव बताते हुए,कृषि,शिक्षा तकनीक एवं सामाजिक चेतना जैसे क्षेत्रों में नवाचार और योगदान की आवश्यकता पर बल दिया।डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक,प्रो.एम.एम.सेमवाल ने अपने वक्तव्य में युवाओं की उत्पादकता,राजनीतिक समझ,और डिजिटल दक्षता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि,आज का युवा यदि समर्पित,कुशल एवं दूरदर्शी बनकर कार्य करे,तो वह राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम की विशेष शोभा तब और बढ़ गई जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति,प्रोफेसर प्रकाश सिंह कार्यक्रम में पधारे। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा,यदि किसी भी प्रकार की अकादमिक या प्रशासनिक समस्या हो,तो छात्रगण मुझसे कभी भी,कहीं से भी संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय सदैव आपके साथ है।इस अवसर पर केंद्र के मान्यवर संकाय सदस्य,डॉ.प्रकाश सिंह एवं डॉ.आशीष बहुगुणा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने युवाओं को समाज परिवर्तन का अग्रदूत बताते हुए कहा,विकसित भारत का मार्ग उन्हीं युवाओं के संकल्प और सृजनशीलता से होकर गुजरता है,जो राष्ट्र सेवा को अपना धर्म मानते हैं।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शोध छात्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक बताया। संवाद ने छात्रों में राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता,उत्तरदायित्व एवं आशा का संचार किया।