स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने केंद्रीय विद्यालय में चलाया जागरूकता अभियान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से कराया अवगत
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा संयुक्त संवेदीकरण जागरुकता गतिविधि के तहत केंद्रीय विद्यालय पौड़ी में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम,राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम,राष्ट्रीय मुख स्वास्थ कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं को नशीले पदार्थों के उपयोग से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया तथा कोटपा एक्ट 2003 तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों को लेकर जानकारी दी गई।कार्यक्रम में डॉ.आशीष गुसाईं ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं में नशीली दवाओं का चलन गंभीर सामाजिक एवं मानसिक समस्या बन गया है अक्सर जिज्ञासा एवं गलत संगति के चलते युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं जिससे उनके व्यवहार स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन पर विपरीत असर पड़ता है उन्होंने बताया कि नशे की लत के लक्षणों में अत्यधिक थकान सुस्ती काम कभी नींद व भूख में अनियमित भूचाल में दिक्कत और सस्ता की कमी शामिल है इसके चलते व्यक्ति धीरे-धीरे आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर बढ़ सकता है।बस दौरान ओरल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत 423 छात्रों की डेंटल हाइजीन एवं ओरल स्क्रीनिंग की गई।जागरूकता गतिविधि में कक्षा 8 से 12 के 266 छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य अनीता बिष्ट,डॉ.शशांक उनियाल,श्वेता गुसाईं,मनमोहन देवली,अरुण वीरेंद्र सिंह नेगी,दिनेश कुमार उपस्थित रहे।
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स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने केंद्रीय विद्यालय में चलाया जागरूकता अभियान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से कराया अवगत
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा संयुक्त संवेदीकरण जागरुकता गतिविधि के तहत केंद्रीय विद्यालय पौड़ी में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम,राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम,राष्ट्रीय मुख स्वास्थ कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं को नशीले पदार्थों के उपयोग से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया तथा कोटपा एक्ट 2003 तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों को लेकर जानकारी दी गई।कार्यक्रम में डॉ.आशीष गुसाईं ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं में नशीली दवाओं का चलन गंभीर सामाजिक एवं मानसिक समस्या बन गया है अक्सर जिज्ञासा एवं गलत संगति के चलते युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं जिससे उनके व्यवहार स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन पर विपरीत असर पड़ता है उन्होंने बताया कि नशे की लत के लक्षणों में अत्यधिक थकान सुस्ती काम कभी नींद व भूख में अनियमित भूचाल में दिक्कत और सस्ता की कमी शामिल है इसके चलते व्यक्ति धीरे-धीरे आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर बढ़ सकता है।बस दौरान ओरल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत 423 छात्रों की डेंटल हाइजीन एवं ओरल स्क्रीनिंग की गई।जागरूकता गतिविधि में कक्षा 8 से 12 के 266 छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य अनीता बिष्ट,डॉ.शशांक उनियाल,श्वेता गुसाईं,मनमोहन देवली,अरुण वीरेंद्र सिंह नेगी,दिनेश कुमार उपस्थित रहे।