डेंगू रोकथाम को माइक्रोप्लान पर काम करें अधिकारीः डॉ.धन सिंह रावत
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।प्रदेश में डेंगू रोकथाम के लिये जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।इसके साथ ही रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर डेंगू संभावित/प्रभावित क्षेत्रों में विशेष फोकस करने को कहा गया है। प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को भी डेंगू मरीजों के आंकड़े आईडीएसपी पोर्टल पर दर्ज कराने होंगे,जिसकी मॉनिटिरिंग संबंधित जनपद के मुख्यचिकित्साधिकारी करेंगे।जनजागरूकता अभियान को तेज करने के लिये विभागीय कार्मिकों के साथ ही वालंटियर्स की टीम भी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करेगी।सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित सभागार में डेंगू एवं चिकिनगुनिया के रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर डेंगू रोकथाम के लिये रेखीय विभागीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये। डाॅ.रावत ने कहा कि सूबे के निजी अस्पतालों को भी डेंगू मरीजों की जानकारी भारत सरकार के आईडीएसपी पोर्टल अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।जिसकी मॉनिटिरिंग संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगे। इस संबंध में महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड के स्तर से शीघ्र ही निर्देश जारी किये जायेंगे। डेंगू के दृष्टिगत संवेदनशील पांच जनपदों देहरादून,हरिद्वार,ऊधमसिंह नगर,नैनीताल व पौड़ी गढ़वाल के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुये विभागीय मंत्री ने कहा कि अधिकारी रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर जनजागरूकता अभियान में तेजी लायें। इसके लिये वॉलियंटियर्स की टीमों को हॉट स्पॉट क्षेत्रों में भेजा जाय।डॉ.रावत ने विभागीय अधिकारियों को कहा कि इस बात पर भी घ्यान दिया जाय कि प्रदेश में डेंगू की जांच कर रही निजी पैथोलॉजी लैब भी भारत सरकार द्वारा अधिकृत टेस्ट किट का ही प्रयोग करे,इसके लिये संबंधित सीएमओ अपने जनपदों की निजी लैब्स को दिशा-निर्देश जारी करेंगे।डेंगू रोकथाम को लेकर विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण देते हुये बताया कि वर्तमान में लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करने के लिये 220 वालंटियर्स तैनात किये गये हैं। जिनमे से देहरादून में 140,हरिद्वार 40,नैनीताल 20,ऊधमसिंहनगर व पौड़ी गढ़वाल में 10-10 शामिल हैं।जिनको आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जो डेंगू के जो 12 केस सामने आये हैं वह सभी देहरादून के दो निजी अस्पतालों में चिन्हित किये गये हैं,जबकि राज्य के सरकारी अस्पतालों में अभी तक डेंगू का कोई भी मरीज चिन्हित किया गया है।बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर.राजेश कुमार,अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल,एमडी एनएचएम स्वाति भदौरिया,महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.सुनीता टम्टा,निदेशक एनएचएम डॉ.मनु जैन,अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.आर.एस.बिष्ट,सीएमओ देहरादून डॉ.मनोज शर्मा,सीएमओ हरिद्वार डाॅ.आर.के.सिंह,स्टेट कोर्डिनेटर डेंगू (एनएचएम) डॉ.भास्कर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे,जबकि अन्य जनपदों के सीएमओ ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
Spread the love
डेंगू रोकथाम को माइक्रोप्लान पर काम करें अधिकारीः डॉ.धन सिंह रावत
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।प्रदेश में डेंगू रोकथाम के लिये जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।इसके साथ ही रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर डेंगू संभावित/प्रभावित क्षेत्रों में विशेष फोकस करने को कहा गया है। प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को भी डेंगू मरीजों के आंकड़े आईडीएसपी पोर्टल पर दर्ज कराने होंगे,जिसकी मॉनिटिरिंग संबंधित जनपद के मुख्यचिकित्साधिकारी करेंगे।जनजागरूकता अभियान को तेज करने के लिये विभागीय कार्मिकों के साथ ही वालंटियर्स की टीम भी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करेगी।सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित सभागार में डेंगू एवं चिकिनगुनिया के रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर डेंगू रोकथाम के लिये रेखीय विभागीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये। डाॅ.रावत ने कहा कि सूबे के निजी अस्पतालों को भी डेंगू मरीजों की जानकारी भारत सरकार के आईडीएसपी पोर्टल अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।जिसकी मॉनिटिरिंग संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगे। इस संबंध में महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड के स्तर से शीघ्र ही निर्देश जारी किये जायेंगे। डेंगू के दृष्टिगत संवेदनशील पांच जनपदों देहरादून,हरिद्वार,ऊधमसिंह नगर,नैनीताल व पौड़ी गढ़वाल के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुये विभागीय मंत्री ने कहा कि अधिकारी रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर जनजागरूकता अभियान में तेजी लायें। इसके लिये वॉलियंटियर्स की टीमों को हॉट स्पॉट क्षेत्रों में भेजा जाय।डॉ.रावत ने विभागीय अधिकारियों को कहा कि इस बात पर भी घ्यान दिया जाय कि प्रदेश में डेंगू की जांच कर रही निजी पैथोलॉजी लैब भी भारत सरकार द्वारा अधिकृत टेस्ट किट का ही प्रयोग करे,इसके लिये संबंधित सीएमओ अपने जनपदों की निजी लैब्स को दिशा-निर्देश जारी करेंगे।डेंगू रोकथाम को लेकर विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण देते हुये बताया कि वर्तमान में लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करने के लिये 220 वालंटियर्स तैनात किये गये हैं। जिनमे से देहरादून में 140,हरिद्वार 40,नैनीताल 20,ऊधमसिंहनगर व पौड़ी गढ़वाल में 10-10 शामिल हैं।जिनको आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जो डेंगू के जो 12 केस सामने आये हैं वह सभी देहरादून के दो निजी अस्पतालों में चिन्हित किये गये हैं,जबकि राज्य के सरकारी अस्पतालों में अभी तक डेंगू का कोई भी मरीज चिन्हित किया गया है।बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर.राजेश कुमार,अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल,एमडी एनएचएम स्वाति भदौरिया,महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.सुनीता टम्टा,निदेशक एनएचएम डॉ.मनु जैन,अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.आर.एस.बिष्ट,सीएमओ देहरादून डॉ.मनोज शर्मा,सीएमओ हरिद्वार डाॅ.आर.के.सिंह,स्टेट कोर्डिनेटर डेंगू (एनएचएम) डॉ.भास्कर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे,जबकि अन्य जनपदों के सीएमओ ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।