पौड़ी में बाल अधिकारों और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने को लेकर हुई बैठक
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी द्वारा बाल अधिकारों और कानूनी जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन बच्चों और उनके माता-पिता के लिये कानूनी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की गयी,जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।शुक्रवार को आयोजित बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नाज़िश कलीम ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना और उन्हें न्याय तक सहज पहुँच उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाएगी,ताकि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने आगे कहा कि बाल न्याय मित्र क्लब के गठन से बच्चों,अभिभावकों और विद्यालयों में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा दिया जायेगा। इससे छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों की जानकारी के साथ ही जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी सशक्त होंगे।बाल न्याय मित्र क्लब की स्थापना को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि यह क्लब बच्चों के अधिकारों और कानूनी जिम्मेदारियों के बारे में छात्रों,अभिभावकों और स्कूल प्राधिकारियों को जागरूक करेगा। साथ ही क्लब छात्रों को किशोर न्याय अधिनियम,2015,यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम,2012,और बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009 के तहत उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में संवेदनशील बनाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) आर.एस.नेगी,असिस्टेंट लीगल एट डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी,प्राविधिक स्वयंसेवक/अधिकार मित्र निशा,बबीता रावत और कुमारी यशोदा उपस्थित थे।
Spread the love
पौड़ी में बाल अधिकारों और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने को लेकर हुई बैठक
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी द्वारा बाल अधिकारों और कानूनी जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन बच्चों और उनके माता-पिता के लिये कानूनी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की गयी,जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।शुक्रवार को आयोजित बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नाज़िश कलीम ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना और उन्हें न्याय तक सहज पहुँच उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाएगी,ताकि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने आगे कहा कि बाल न्याय मित्र क्लब के गठन से बच्चों,अभिभावकों और विद्यालयों में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा दिया जायेगा। इससे छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों की जानकारी के साथ ही जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी सशक्त होंगे।बाल न्याय मित्र क्लब की स्थापना को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि यह क्लब बच्चों के अधिकारों और कानूनी जिम्मेदारियों के बारे में छात्रों,अभिभावकों और स्कूल प्राधिकारियों को जागरूक करेगा। साथ ही क्लब छात्रों को किशोर न्याय अधिनियम,2015,यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम,2012,और बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009 के तहत उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में संवेदनशील बनाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) आर.एस.नेगी,असिस्टेंट लीगल एट डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी,प्राविधिक स्वयंसेवक/अधिकार मित्र निशा,बबीता रावत और कुमारी यशोदा उपस्थित थे।