श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 9 साल तक प्राचार्य रहे डॉ.सीएमएस रावत अब हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में नई पारी की शुरुआत करेंगे
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर मे 09 वर्ष प्राचार्य पद पर रहे वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ.सीएमएस रावत ने अपने कार्यकाल में कॉलेज और बेस अस्पताल को नई पहचान दिलाई। उनकी प्रशासनिक व मैनेजमेंट क्षमता व दूरदर्शिता से न केवल मरीज हित में बल्कि एमबीबीएस और पीजी छात्रों के हित मे ऐतिहासिक फैसले लिए गये। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बतौर 14 वर्ष फैकल्टी व प्राचार्य पर सेवा देने के बाद डॉ रावत ने श्रीनगर में 09 वर्ष तक प्राचार्य व डीन के रूप में कार्य किया और शासन प्रशासन से बेहतर समन्वय व संवाद रखते हुए मरीज हित एवं मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा। अब डॉ.रावत अपनी तीसरी पारी की शुरुआत राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के नियमित प्राचार्य के रूप में करेगे।प्रो.रावत के कार्यकाल में सबसे पहले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कार्यरत फैकल्टी नियमित हुई। एमबीबीएस की 100 सीट बढ़कर प्रतिवर्ष 150 सीट के साथ-साथ समस्त प्रीक्लीनिकल,पैराक्लीनिकल व क्लीनिकल के सभी विभागो मे पीजी की कुल प्रतिवर्ष 53 पीजी (एमडी,एमएस व डीएनबी) की स्वीकृति दिलवाई,जिसमे छात्र/चिकित्सक अध्ययनरत् है। सभी विभागों में आवश्यक फैकल्टी तथा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। यह प्रदेश के लिए भविष्य में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक बनाने का आधार बनेगा। 44 सुपरस्पेशलिस्ट पदो की स्वीकृति भी इसी कार्यकाल मे मिली।डाॅ.रावत के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल ने मरीजों को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में तेजी से प्रगति की। कभी 04 से 05 वेंटिलेटरों पर चलने वाला यह अस्पताल कोरोना काल के बाद से करीब 80 वेंटिलेटरों से लैस हो गया। छात्रो व मरीजों से सीधा संवाद करना,अस्पताल का लगातार निरीक्षण करना और विभिन्न गांवों में मेडिकल टीमों को भेजकर स्वास्थ्य शिविर (आऊटरीच एक्टिविटी) आयोजित करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा।उनकी पहल पर कॉलेज और अस्पताल में आधुनिक उपकरण और संरचना जोड़ी गई,जिनमें 160 स्लाइस की हाई टेक सी.टी स्कैन मशीन,हाईटेक एमआरआई,मोबाइल एक्सरे मशीन,40 हाईटेक आईसीयू बैड,आरटीपीसीआर कोविड लैब,सेंट्रल स्ट्रलाइजेशन यूनिट,एमडीआर टीबी वार्ड,डायलिसिस यूनिट,एआरटी सेंटर,प्लाज्मा फेरेशिस मशीन,कैथलैब,जीनोम सिक्वेंसिंग जांच सुविधा,बीएसएल-3 वायरोलॉजी लैब,ब्लड सेन्टर मे ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर,40 बैडेड चाइल्ड केयर यूनिट और 50 बैडेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक शामिल हैं। इसके अलावा एंडोस्कोपी,इको,पेन एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी,यूरोलाजी ओपीडी,कार्डियो ओपीडी जैसी नई सेवाएं शुरू हुईं। मेडिकल कॉलेज में 750 सीटेड हाईटेक प्रेक्षागृह,आधुनिक लेक्चर थियेटर व कॉन्फ्रेंस हॉल,05 आक्सीजन जेनेरेशन प्लांट की स्थापना,रैनबसेरा, शगर्ल व ब्वायज के न्यू हॉस्टल ब्लाक,45 व 15 सीटर ट्रांजिट हास्टल ब्लाक,बालीबाल व बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण के साथ-साथ कोटेश्वर कालोनी की 6 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण भी इसी कार्यकाल मे हुआ। श्रीनगर विधान सभा के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के अनवरत् प्रयासो से मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में तमाम सुविधाएं जुटाने में डाॅ.रावत को नई दिशा व कार्य करने की प्रेरणा मिली। डॉ.सीएमएस रावत की प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता से गढ़वाल क्षेत्र के हजारों हजार मरीजों और पढने वाले छात्र-छात्राओ को सीधा लाभ पहुंचा। अब डॉ.रावत ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की बागडोर संभाल ली है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रो.रावत ने कई नवाचार किए-99 सीटो से पैरामेडिकल सत्र की शुरुआत,पीजी डिप्लोमा कोर्स, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन,राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों,वर्कशाप व सिम्पोजियम का आयोजन,प्रथम अन्तर-महाविधालयी खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन। उनके कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज ने न केवल प्रदेश स्तर पर अपितु राष्ट्रीय स्तर पर भी एक पहचान बनाई। मरीजों के हित के लिए लगातार निरीक्षण,संवाद और नई सुविधाओं का विस्तार किया गया। यहीं नहीं मेडिकल कॉलेज के करीब 250 अस्थाई कर्मियों का मानदेय मे दोगुनी बृद्धि भी प्रो.रावत के कार्यकाल में बढ़ने से कर्मचारियों को राहत मिली।डाॅ.रावत ने कहा कि वह श्रीनगर मेडिकल कालेज मे दिये गये अपने 09 वर्षो के योगदान को स्वर्णिम काल के रूप मे जीवनपर्यंत संजोये रखेगे।उन्होने कहा कि उनके कार्यकाल मे मरीज,छात्र,संस्थान व प्रदेश हित मे कुल 175 छोटे-बड़े कार्य हुए,जिसका श्रेय वह स्वयं के साथ सरकार,शासन-प्रशासन व सहयोगियो को देते है।
Spread the love
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 9 साल तक प्राचार्य रहे डॉ.सीएमएस रावत अब हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में नई पारी की शुरुआत करेंगे
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर मे 09 वर्ष प्राचार्य पद पर रहे वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ.सीएमएस रावत ने अपने कार्यकाल में कॉलेज और बेस अस्पताल को नई पहचान दिलाई। उनकी प्रशासनिक व मैनेजमेंट क्षमता व दूरदर्शिता से न केवल मरीज हित में बल्कि एमबीबीएस और पीजी छात्रों के हित मे ऐतिहासिक फैसले लिए गये। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बतौर 14 वर्ष फैकल्टी व प्राचार्य पर सेवा देने के बाद डॉ रावत ने श्रीनगर में 09 वर्ष तक प्राचार्य व डीन के रूप में कार्य किया और शासन प्रशासन से बेहतर समन्वय व संवाद रखते हुए मरीज हित एवं मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा। अब डॉ.रावत अपनी तीसरी पारी की शुरुआत राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के नियमित प्राचार्य के रूप में करेगे।प्रो.रावत के कार्यकाल में सबसे पहले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कार्यरत फैकल्टी नियमित हुई। एमबीबीएस की 100 सीट बढ़कर प्रतिवर्ष 150 सीट के साथ-साथ समस्त प्रीक्लीनिकल,पैराक्लीनिकल व क्लीनिकल के सभी विभागो मे पीजी की कुल प्रतिवर्ष 53 पीजी (एमडी,एमएस व डीएनबी) की स्वीकृति दिलवाई,जिसमे छात्र/चिकित्सक अध्ययनरत् है। सभी विभागों में आवश्यक फैकल्टी तथा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। यह प्रदेश के लिए भविष्य में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक बनाने का आधार बनेगा। 44 सुपरस्पेशलिस्ट पदो की स्वीकृति भी इसी कार्यकाल मे मिली।डाॅ.रावत के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल ने मरीजों को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में तेजी से प्रगति की। कभी 04 से 05 वेंटिलेटरों पर चलने वाला यह अस्पताल कोरोना काल के बाद से करीब 80 वेंटिलेटरों से लैस हो गया। छात्रो व मरीजों से सीधा संवाद करना,अस्पताल का लगातार निरीक्षण करना और विभिन्न गांवों में मेडिकल टीमों को भेजकर स्वास्थ्य शिविर (आऊटरीच एक्टिविटी) आयोजित करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा।उनकी पहल पर कॉलेज और अस्पताल में आधुनिक उपकरण और संरचना जोड़ी गई,जिनमें 160 स्लाइस की हाई टेक सी.टी स्कैन मशीन,हाईटेक एमआरआई,मोबाइल एक्सरे मशीन,40 हाईटेक आईसीयू बैड,आरटीपीसीआर कोविड लैब,सेंट्रल स्ट्रलाइजेशन यूनिट,एमडीआर टीबी वार्ड,डायलिसिस यूनिट,एआरटी सेंटर,प्लाज्मा फेरेशिस मशीन,कैथलैब,जीनोम सिक्वेंसिंग जांच सुविधा,बीएसएल-3 वायरोलॉजी लैब,ब्लड सेन्टर मे ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर,40 बैडेड चाइल्ड केयर यूनिट और 50 बैडेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक शामिल हैं। इसके अलावा एंडोस्कोपी,इको,पेन एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी,यूरोलाजी ओपीडी,कार्डियो ओपीडी जैसी नई सेवाएं शुरू हुईं। मेडिकल कॉलेज में 750 सीटेड हाईटेक प्रेक्षागृह,आधुनिक लेक्चर थियेटर व कॉन्फ्रेंस हॉल,05 आक्सीजन जेनेरेशन प्लांट की स्थापना,रैनबसेरा, शगर्ल व ब्वायज के न्यू हॉस्टल ब्लाक,45 व 15 सीटर ट्रांजिट हास्टल ब्लाक,बालीबाल व बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण के साथ-साथ कोटेश्वर कालोनी की 6 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण भी इसी कार्यकाल मे हुआ। श्रीनगर विधान सभा के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के अनवरत् प्रयासो से मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में तमाम सुविधाएं जुटाने में डाॅ.रावत को नई दिशा व कार्य करने की प्रेरणा मिली। डॉ.सीएमएस रावत की प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता से गढ़वाल क्षेत्र के हजारों हजार मरीजों और पढने वाले छात्र-छात्राओ को सीधा लाभ पहुंचा। अब डॉ.रावत ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की बागडोर संभाल ली है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रो.रावत ने कई नवाचार किए-99 सीटो से पैरामेडिकल सत्र की शुरुआत,पीजी डिप्लोमा कोर्स, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन,राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों,वर्कशाप व सिम्पोजियम का आयोजन,प्रथम अन्तर-महाविधालयी खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन। उनके कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज ने न केवल प्रदेश स्तर पर अपितु राष्ट्रीय स्तर पर भी एक पहचान बनाई। मरीजों के हित के लिए लगातार निरीक्षण,संवाद और नई सुविधाओं का विस्तार किया गया। यहीं नहीं मेडिकल कॉलेज के करीब 250 अस्थाई कर्मियों का मानदेय मे दोगुनी बृद्धि भी प्रो.रावत के कार्यकाल में बढ़ने से कर्मचारियों को राहत मिली।डाॅ.रावत ने कहा कि वह श्रीनगर मेडिकल कालेज मे दिये गये अपने 09 वर्षो के योगदान को स्वर्णिम काल के रूप मे जीवनपर्यंत संजोये रखेगे।उन्होने कहा कि उनके कार्यकाल मे मरीज,छात्र,संस्थान व प्रदेश हित मे कुल 175 छोटे-बड़े कार्य हुए,जिसका श्रेय वह स्वयं के साथ सरकार,शासन-प्रशासन व सहयोगियो को देते है।