चमोली पुलिस का साइबर ठग पर शिकंजा 11 लाख से अधिक की ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चमोली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सोशल मीडिया और नकली वेबसाइटों के ज़रिए लाखों की ठगी करने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया और सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।मामला कैसे शुरू हुआ।वर्ष 2024 में वादी अजय सिंह निवासी हल्दापानी,गोपेश्वर ने थाना गोपेश्वर पर तहरीर दी कि उन्हें इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एक फर्जी वेबसाइट पर निवेश करने के लिए उकसाया गया।आरोपी ने बड़े मुनाफे का लालच दिखाया और इसी बहाने धीरे-धीरे उनसे ₹11,82,000/-हड़प लिए। इस पर थाना गोपेश्वर में आईटी एक्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।सुराग से गिरफ्तारी तक।विवेचना अधिकारी प्रभारी निरीक्षक अनुरोध ब्यास,कोतवाली चमोली ने साइबर तकनीकी व अन्य सुरागों के आधार पर कड़ी मेहनत कर आरोपी की पहचान की। आरोपी का नाम देवेन्द्र कुमार पुत्र ओमप्रकाश,निवासी जहांगीर पुरी,नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सामने आया। पुलिस टीम ने लगातार ट्रैकिंग कर आखिरकार 26 अगस्त 2025 को टैक्सी स्टैंड,चमोली-चाड़ा के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया,जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया। पुलिस टीम,प्रभारी निरीक्षक अनुरोध ब्यास,हे.का गोपाल सिंह,कां.बनवीर सिंह एसपी चमोली,सर्वेश पंवार ने कहा-आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। हमारी प्राथमिकता है कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। चमोली पुलिस तकनीकी संसाधनों का पूरा इस्तेमाल कर ऐसे ठगों को ढूँढकर जेल की सलाखों तक पहुँचाती रहेगी।
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चमोली पुलिस का साइबर ठग पर शिकंजा 11 लाख से अधिक की ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चमोली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सोशल मीडिया और नकली वेबसाइटों के ज़रिए लाखों की ठगी करने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया और सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।मामला कैसे शुरू हुआ।वर्ष 2024 में वादी अजय सिंह निवासी हल्दापानी,गोपेश्वर ने थाना गोपेश्वर पर तहरीर दी कि उन्हें इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एक फर्जी वेबसाइट पर निवेश करने के लिए उकसाया गया।आरोपी ने बड़े मुनाफे का लालच दिखाया और इसी बहाने धीरे-धीरे उनसे ₹11,82,000/-हड़प लिए। इस पर थाना गोपेश्वर में आईटी एक्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।सुराग से गिरफ्तारी तक।विवेचना अधिकारी प्रभारी निरीक्षक अनुरोध ब्यास,कोतवाली चमोली ने साइबर तकनीकी व अन्य सुरागों के आधार पर कड़ी मेहनत कर आरोपी की पहचान की। आरोपी का नाम देवेन्द्र कुमार पुत्र ओमप्रकाश,निवासी जहांगीर पुरी,नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सामने आया। पुलिस टीम ने लगातार ट्रैकिंग कर आखिरकार 26 अगस्त 2025 को टैक्सी स्टैंड,चमोली-चाड़ा के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया,जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया। पुलिस टीम,प्रभारी निरीक्षक अनुरोध ब्यास,हे.का गोपाल सिंह,कां.बनवीर सिंह एसपी चमोली,सर्वेश पंवार ने कहा-आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। हमारी प्राथमिकता है कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। चमोली पुलिस तकनीकी संसाधनों का पूरा इस्तेमाल कर ऐसे ठगों को ढूँढकर जेल की सलाखों तक पहुँचाती रहेगी।